ट्रंप के सलाहकार नवारो को मिला कॉंग्रेस का साथ, ब्राह्मण वाले बयान का किया समर्थन
नई दिल्ली, 1 सितंबर 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो के विवादित बयान ने भारत में राजनीतिक हंगामा मचा दिया है। नवारो ने भारत की रूस से तेल खरीद को लेकर ब्राह्मण समुदाय पर मुनाफाखोरी का आरोप लगाया, जिसका समर्थन कांग्रेस के नेता उदित राज ने कर दिया। उदित राज ने कहा कि नवारो की बात सही है, क्योंकि रूसी तेल से फायदा ऊंची जातियों के कॉर्पोरेट घरानों को हो रहा है, जबकि आम भारतीयों को कोई लाभ नहीं मिल रहा।
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में नवारो ने कहा, “भारत क्रीमलिन का लॉन्ड्रामैट है। ब्राह्मण भारतीय लोगों की कीमत पर मुनाफा कमा रहे हैं। इसे रोकना होगा।” उन्होंने भारत पर 50% टैरिफ को जायज ठहराते हुए पीएम नरेंद्र मोदी की रूस और चीन के साथ नजदीकी पर सवाल उठाए। नवारो का दावा था कि भारत रूस से सस्ता तेल खरीदकर उसे रिफाइन कर यूरोप, अफ्रीका और एशिया में महंगे दामों पर बेच रहा है, जिससे रूस को यूक्रेन युद्ध के लिए फंड मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 2022 से पहले भारत रूस से 1% से कम तेल खरीदता था, जो अब 30% से ज्यादा हो गया है।
कांग्रेस नेता उदित राज, जो दलित समुदाय से हैं और पूर्व सांसद हैं, ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर नवारो के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “मैं पीटर नवारो के बयान से पूरी तरह सहमत हूं। भारत के कॉर्पोरेट घराने ज्यादातर ऊंची जातियों के हैं। वे रूस से सस्ता तेल खरीदते हैं, रिफाइन करते हैं और ऊंचे दामों पर बेचते हैं। आम भारतीयों को इससे कोई फायदा नहीं। पिछड़े वर्गों और दलितों को कॉर्पोरेट बनाने में 100 साल लग जाएंगे।” उदित राज ने आरोप लगाया कि यह तथ्यात्मक रूप से सही है और कोई इनकार नहीं कर सकता।
यह बयान SCO समिट के दौरान आया, जहां पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। नवारो ने मोदी को “महान नेता” कहा लेकिन उनकी विदेश नीति पर निशाना साधा। भारत ने तेल खरीद को राष्ट्रीय हित और बाजार गतिशीलता से जोड़ा है।
कांग्रेस के अन्य नेताओं ने नवारो के बयान की आलोचना की। प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, “अमेरिका को ऐसी आधारहीन बातें नहीं करनी चाहिए।” TMC सांसद सागरिका घोष ने “ब्राह्मण” शब्द को अमेरिकी संदर्भ में “अमीर एलीट” के रूप में समझाया, लेकिन उदित राज का समर्थन पार्टी में असहजता पैदा कर रहा है। बीजेपी ने इसे विपक्ष की हताशा बताया और कहा कि विदेशी हस्तक्षेप को बढ़ावा देना राष्ट्रविरोधी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान भारत-अमेरिका व्यापार तनाव को जातिगत रंग दे रहा है। ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीति को यूक्रेन युद्ध से जोड़कर नवारो ने विवाद बढ़ा दिया। उदित राज का स्टैंड कांग्रेस की आंतरिक एकता पर सवाल उठा रहा है, खासकर जब पार्टी जाति आधारित राजनीति से सतर्क रहती है। कुल मिलाकर, यह घटना भारत की आर्थिक नीतियों और सामाजिक संरचना पर नई बहस छेड़ सकती है।
