TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर छत्तीसगढ़ में FIR: अमित शाह पर ‘सिर काटकर टेबल पर रख दो’ वाले बयान से मचा बवाल
TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर छत्तीसगढ़ में FIR: अमित शाह पर ‘सिर काटकर टेबल पर रख दो’ वाले बयान से मचा बवाल
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई हैं। छत्तीसगढ़ के रायपुर में उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। आरोप है कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणी की, जो सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने वाली और राष्ट्र-विरोधी है। यह FIR शनिवार (30 अगस्त 2025) को माना थाने में दर्ज की गई, जो स्थानीय निवासी गोपाल समांतो की शिकायत पर आधारित है। शिकायत में कहा गया कि मोइत्रा का बयान असंवैधानिक है और इससे रायपुर के माना कैंप क्षेत्र में बसे 1971 के बांग्लादेशी शरणार्थियों में डर का माहौल बन गया है। FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (धर्म, जाति, भाषा आदि के आधार पर समूहों के बीच दुश्मनी फैलाना) और 197 (राष्ट्रीय एकीकरण के लिए हानिकारक आरोप) के तहत दर्ज हुई है।
मामला 28 अगस्त को पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में एक कार्यक्रम के दौरान हुआ। पत्रकारों से बातचीत में मोइत्रा ने बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “अमित शाह घुसपैठियों, घुसपैठियों की बात करते रहते हैं, लेकिन सीमा सुरक्षा गृह मंत्रालय के अधीन है। अगर घुसपैठ रुक नहीं रही, तो पहला काम यही करना चाहिए कि अमित शाह का सिर काटकर टेबल पर रख दो।” मोइत्रा ने पीएम नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि रेड फोर्ट से पीएम घुसपैठ की बात करते हैं, लेकिन उनका गृह मंत्री ताली बजा रहा था। उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF) की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए और कहा कि अगर मां-बहनों पर नजर और जमीन पर कब्जा हो रहा है, तो गृह मंत्री की गलती है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया।
भाजपा ने तुरंत मोइत्रा के बयान की निंदा की। पश्चिम बंगाल भाजपा ने कृष्णनगर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई, जहां संदीप मजूमदार ने इसे “राष्ट्र-विरोधी” बताया। भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने कहा कि यह TMC की मानसिकता को दर्शाता है, और पार्टी को माफी मांगनी चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, “यह निंदनीय है। मोइत्रा का सदस्यता पहले रद्द हो चुकी है, अब फिर से?” उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे “लोकतंत्र-विरोधी” करार दिया। छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने ममता बनर्जी से मोइत्रा पर कार्रवाई और देश से माफी की मांग की। उन्होंने कहा, “यह TMC हाईकमान का समर्थन बिना संभव नहीं। ममता जी स्पष्ट करें कि वे सहमत हैं या नहीं।” कांग्रेस नेता टीएस सिंह देवो ने भी बयान को “गलत” बताया।
TMC ने बचाव में कहा कि बयान प्रतीकात्मक था। सांसद कुनाल घोष ने कहा, “यह शारीरिक हमले का इरादा नहीं, बल्कि अमित शाह का नाम लोगों के दिलों से निकालने का मतलब था। व्याकरणिक जटिलता थी, शाब्दिक न लें।” मोइत्रा ने खुद X पर पोस्ट कर कहा, “भाजपा ट्रोल सेल का तरीका – एक मुद्दा चुनो, वायरल करो। आज का थीम है मेरा ‘ऑफ विद हिज हेड’ रूपक। मेरी बदनामी जिंदाबाद!” यह विवाद मोइत्रा के लिए नया नहीं। 2023 में कैश फॉर क्वेरी मामले में उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द हो चुकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान TMC और भाजपा के बीच तनाव बढ़ाएगा, खासकर बंगाल चुनावों से पहले। पुलिस जांच जारी है, और मोइत्रा को समन भेजा जा सकता है। यह घटना राजनीतिक भाषण की सीमाओं पर सवाल खड़े कर रही है।
