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आज भी शेयर बाजार पर दिखा टैरिफ का असर, सेंसेक्स 700 अंक गिरा, निफ्टी 24500 पर

मुंबई, 28 अगस्त 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ का असर आज भी शेयर बाजार पर दिखा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 भी 1 प्रतिशत से अधिक गिरा। सेंसेक्स 80,029.41 के इंट्राडे लो पर पहुंचा, जो 722 अंकों या 0.89 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। निफ्टी 24,501 पर बंद हुआ, जो 211 अंकों या 0.85 प्रतिशत नीचे है। बीएसई लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 4 लाख करोड़ रुपये घटकर 445 लाख करोड़ रुपये रह गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली और वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाओं ने बाजार को और दबाव में डाल दिया।

ट्रंप प्रशासन ने 27 अगस्त से प्रभावी 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाए, जिससे भारत से अमेरिका निर्यातित वस्तुओं पर कुल ड्यूटी 50 प्रतिशत हो गई। यह कदम भारत के रूस से तेल और रक्षा उपकरण खरीद पर सजा के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिकी कस्टम्स डिपार्टमेंट ने ड्राफ्ट नोटिस जारी कर इसे पुष्टि की, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया। विशेषज्ञों के अनुसार, स्टील, एल्यूमिनियम, ऑटो पार्ट्स, टेक्सटाइल और जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। डीबीएस बैंक की इकोनॉमिस्ट राधिका राव ने कहा, “टेक्सटाइल में सब्स्टीट्यूशन इफेक्ट ज्यादा है, इसलिए इस सेक्टर को 50 प्रतिशत टैरिफ से बड़ा नुकसान होगा।” भारत सरकार ने अभी तक जवाबी कार्रवाई नहीं की है, लेकिन बातचीत की गुंजाइश बरकरार रखी है।

आज के सत्र में आईटी और बैंकिंग स्टॉक्स सबसे ज्यादा बिके। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.6 प्रतिशत गिरा, जबकि बैंक निफ्टी 1 प्रतिशत नीचे रहा। सेंसेक्स के टॉप लूजर्स में टाटा स्टील (3.2% गिरावट), रिलायंस इंडस्ट्रीज (2.5%), एशियन पेंट्स (2.1%), एनटीपीसी (1.8%) और अदानी पोर्ट्स (1.5%) शामिल रहे। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की खबर ने आईटी सेक्टर को झकझोर दिया, जिससे इंफोसिस (2.2% नीचे), विप्रो (3.5%) और एचसीएल टेक (1.1%) जैसे स्टॉक्स बिखर गए। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरे। ब्रॉडर मार्केट में 1,678 शेयर लाल निशान पर बंद हुए, जबकि केवल 921 हरे में।

विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट अल्पकालिक हो सकती है, लेकिन वैश्विक व्यापार युद्ध बढ़ने से भारत की जीडीपी ग्रोथ 20-30 बीपीएस प्रभावित हो सकती है। नॉर्मल बांग रिसर्च के अनुसार, निफ्टी का तत्काल सपोर्ट 24,640 है, अगर यह टूटा तो 24,500 तक गिरावट संभव। ऊपर की ओर 24,800-24,900 रेजिस्टेंस बनेगा। पीएल कैपिटल की वैशाली पारेख ने कहा, “बाजार टैरिफ डेडलाइन का इंतजार कर रहा है। 24,500 का सपोर्ट बरकरार रहा तो ट्रेंड सुरक्षित रहेगा।” एफआईआई ने 26 अगस्त को 6,516 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जो तीसरे दिन लगातार बिकवाली है।

फेडरल रिजर्व की जेरोम पॉवेल की जैक्सन होल स्पीच और यूएस-भारत व्यापार वार्ता पर नजरें टिकी हैं। भारत ने अमेरिका को आश्वासन दिया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने में भूमिका निभाएगा, जिससे टैरिफ में छूट की उम्मीद है। लेकिन फिलहाल, निवेशक सतर्क हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि क्वालिटी स्टॉक्स में निवेश करें और डायवर्सिफिकेशन पर जोर दें। बाजार की अस्थिरता के बावजूद, लॉन्ग-टर्म आउटलुक पॉजिटिव है, लेकिन ट्रेड वॉर से वैश्विक मंदी का खतरा मंडरा रहा है।

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