मसूरी वन प्रभाग में 7,375 बाउंड्री पिलर गायब, IFS अधिकारी पर जांच की सिफारिश
मसूरी वन प्रभाग में 7,375 बाउंड्री पिलर गायब, IFS अधिकारी पर जांच की सिफारिश
उत्तराखंड के मसूरी वन प्रभाग में 7,375 बाउंड्री पिलर के गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले ने वन विभाग में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि यह अतिक्रमण और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। हल्द्वानी के मुख्य वन संरक्षक (कार्ययोजना) IFS संजीव चतुर्वेदी ने प्रमुख वन संरक्षक समीर सिन्हा को पत्र लिखकर इस मामले में SIT जांच की सिफारिश की है। पत्र में बताया गया कि रायपुर रेंज क्षेत्र में लंबे समय से वन भूमि पर अतिक्रमण हो रहा है, जो स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से संभव हुआ।
मसूरी के DFO अमित कंवर का नाम भी इस मामले में सामने आया है। आरोप है कि उनके पास हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कई संपत्तियां हैं, जिनकी जांच CBI या ED से कराने की मांग की गई है। चतुर्वेदी ने यह भी सवाल उठाया कि भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद कुछ अधिकारियों को लगातार इंटीग्रिटी सर्टिफिकेट और आउटस्टैंडिंग ग्रेडिंग क्यों दी जाती रही?
मसूरी वन प्रभाग से साल 2023 में तैयार रिपोर्ट में इन पिलर के गायब होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। DFO अमित कंवर ने कहा कि जांच तेजी से चल रही है और जल्द ही पूरी रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को भेजी जाएगी। साथ ही, इस मामले में FIR दर्ज कराने की बात भी कही गई है। सैटेलाइट इमेज के जरिए अतिक्रमण की गहराई से जांच की संभावना जताई जा रही है। यह मामला वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है।
