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इजराइल में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट: 19 साल बाद नेतन्याहू युग के अंत के आसार, पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट को सरकार बनाने का न्योता

इजराइल में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट: 19 साल बाद नेतन्याहू युग के अंत के आसार, पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट को सरकार बनाने का न्योता

​तेल अवीव/यरूशलम:

​इजराइल के हालिया आम चुनावों के नतीजों के बाद देश में 19 साल लंबे बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यकाल के अंत की तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने के बाद विपक्ष के एकजुट होने और प्रमुख अरब पार्टियों के समर्थन से पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट (Gadi Eisenkot) की राह आसान हो गई है। राष्ट्रपति आइजक हरजोग (Isaac Herzog) ने राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श के बाद ‘याशर’ (Yashar) पार्टी के प्रमुख गादी आइजनकोट को नई सरकार बनाने का आधिकारिक निमंत्रण दिया है।

​त्रिशंकु जनादेश और अरब पार्टियों का निर्णायक समर्थन

​हाल ही में सम्पन्न हुए 120 सदस्यीय इजराइली संसद (Knesset) के चुनाव में किसी भी एकल पार्टी या पारंपरिक गठबंधन को 61 सीटों का जादूई बहुमत का आंकड़ा नहीं मिल सका था:

​नेतन्याहू की लिकुड पार्टी पिछड़ी: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड (Likud) पार्टी और उनका दक्षिणपंथी गठबंधन बहुमत के आंकड़े से काफी दूर रह गया।

​आइजनकोट की बढ़त: 21 सीटों के साथ उभरी याशर पार्टी और विपक्षी गुट को मिलाकर कुल 48 सीटें मिली थीं। इसके बाद इजराइल की प्रमुख ‘जॉइंट लिस्ट’ और अरब पार्टियों (19 सीटें) ने नेतन्याहू को सत्ता से बाहर करने के लिए गादी आइजनकोट को समर्थन देने का ऐलान किया। इस समर्थन के बाद विरोधी गुट के पास सरकार बनाने के लिए 61 से अधिक सांसदों का आंकड़ा पूरा हो गया है।

​कौन हैं गादी आइजनकोट?

​इजराइल की राजनीति में एक मजबूत और व्यावहारिक नेता के रूप में उभरे गादी आइजनकोट का सैन्य और राजनीतिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है:

​पूर्व सेना प्रमुख (IDF Chief): आइजनकोट 2015 से 2019 तक इजराइली रक्षा बलों (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ रहे हैं। सैन्य कमान के दौरान हिज्बुल्लाह के खिलाफ बनाई गई उनकी ‘दहिया रणनीति’ (Dahiya Doctrine) काफी चर्चित रही थी।

​पारिवारिक बलिदान और जन-संवेदना: 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद शुरू हुए युद्ध में आइजनकोट के बेटे गैल आइजनकोट गजा में लड़ते हुए शहीद हो गए थे। इसके बाद उनके दो भतीजों ने भी देश की रक्षा में अपनी शहादत दी। इन दुखों के बावजूद देश सेवा में डटे रहने के कारण जनता के बीच उन्हें एक सच्चे राष्ट्रभक्त के रूप में देखा गया।

​इमरजेंसी वॉर कैबिनेट: गादी आइजनकोट हमास हमले के बाद गठित नेतन्याहू की आपातकालीन युद्ध कैबिनेट (Emergency War Cabinet) में पर्यवेक्षक के तौर पर भी शामिल रहे थे।

​तथ्यों, सैन्य अनुशासन और सादगी पर आधारित उनके चुनावी भाषणों ने 19 साल के नेतन्याहू शासन से बदलाव की राह देख रही इजराइली जनता को आकर्षित किया।

​कैसे होगी सरकार के गठन की प्रक्रिया?

​इजराइल के संवैधानिक नियमों के तहत सरकार बनाने का अधिकार तय करने की प्रक्रिया इस प्रकार आगे बढ़ेगी:

​28 दिनों का समय: राष्ट्रपति आइजक हरजोग द्वारा निमंत्रण मिलने के बाद अब गादी आइजनकोट के पास गठबंधन की औपचारिक रूपरेखा और मंत्रिमंडल तैयार करने के लिए 28 दिनों का समय होगा।

​समयसीमा का विस्तार: यदि गठबंधन वार्ताओं में कुछ अड़चनें आती हैं और राष्ट्रपति को लगता है कि सरकार बनने की उचित संभावना है, तो वे अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुए इस अवधि को 14 दिन और (कुल 42 दिन) बढ़ा सकते हैं।

​विश्वास मत: गठबंधन तय होने के बाद नई सरकार को संसद में अपना बहुमत सिद्ध कर शपथ लेनी होगी।

​यदि आइजनकोट अपनी बहुदलीय गठबंधन सरकार को आकार देने में सफल रहते हैं, तो यह इजराइल की विदेश, सुरक्षा और आंतरिक नीतियों में एक बड़े नए अध्याय की शुरुआत होगी।

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