दिवाली 2026 में बदला खरीदारी का अंदाज: क्विक कॉमर्स का दबदबा, धनतेरस पर Zepto ने हर घंटे बेचे 14 हजार सोने-चांदी के सिक्के
दिवाली 2026 में बदला खरीदारी का अंदाज: क्विक कॉमर्स का दबदबा, धनतेरस पर Zepto ने हर घंटे बेचे 14 हजार सोने-चांदी के सिक्के
नई दिल्ली:
दिवाली 2026 के अवसर पर भारतीय ग्राहकों के खरीदारी करने के पैटर्न में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ऑनलाइन शॉपिंग और 10-मिनट डिलीवरी (क्विक कॉमर्स) ऐप्स ने पारंपरिक बाजारों की जगह तेजी से अपनी जगह बना ली है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस दिवाली ग्राहकों ने न केवल फल, फूल, मिठाई, कपड़े और सजावट का सामान घर बैठे मंगवाया, बल्कि सोने और चांदी के सिक्कों की भी क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर जमकर खरीदारी की।
धनतेरस पर सोने-चांदी के सिक्कों की रिकॉर्ड बिक्री
ईटी (ET) की रिपोर्ट के अनुसार, धनतेरस के मौके पर क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर सोने-चांदी के सिक्कों की अप्रत्याशित मांग दर्ज की गई:
हर घंटे 14 हजार सिक्के: Zepto के को-फाउंडर आदित पालिचा ने जानकारी दी कि पीक आवर्स के दौरान उनके प्लेटफॉर्म से प्रति घंटे 14 हजार सोने और चांदी के सिक्के बेचे गए। औसतन हर मिनट 298 सिक्के खरीदे गए।
बड़े ऑर्डर्स: धनतेरस पर क्विक कॉमर्स के जरिए भारी-भरकम खरीदारी भी हुई। एक ग्राहक ने केवल सोने के सिक्कों के लिए ₹1.73 लाख का सिंगल ऑर्डर दिया, वहीं नोएडा के एक ग्राहक ने 9 अलग-अलग ऑर्डर्स के माध्यम से ₹5 लाख मूल्य की खरीदारी की।
पारंपरिक दीपोत्सव सामग्री और घरेलू सामानों की भारी डिमांड
क्विक कॉमर्स ऐप्स पर त्यौहार से जुड़ी पारंपरिक और घरेलू वस्तुओं की बिक्री में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई:
रंगोली के रंग: रंगोली के रंगों की मांग बेहद अधिक रही और ये हर घंटे 6,000 यूनिट्स की दर से बिके।
स्टील के बर्तन: धनतेरस पर स्टील के बर्तनों की मांग में 20 गुना (2,000%) का उछाल देखा गया।
सजावटी लाइटें: फेस्टिव लाइट्स और सजावट के सामान की डिमांड 18.2 गुना बढ़ गई।
झाड़ू और कपड़े: गैर-त्यौहारी दिनों की तुलना में झाड़ू की बिक्री में 39% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि कपड़ों की सेल 6 गुना तक बढ़ गई।
क्विक कॉमर्स के प्रति क्यों बढ़ा ग्राहकों का रुझान?
रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय बाजारों की भीड़भाड़ और समय की कमी के चलते ग्राहक क्विक कॉमर्स की सुविधा को प्राथमिकता दे रहे हैं:
24/7 सुविधा: ग्राहक सुबह 5 बजे से लेकर रात 11 बजे तक कभी भी अपनी पसंद का सामान तुरंत मंगवा सकते हैं।
बाजार जाने की झंझट खत्म: पहले जहां लोग आभूषण और घरेलू सामान खरीदने के लिए मुख्य बाजारों के चक्कर लगाते थे, अब वही काम चंद मिनटों में मोबाइल ऐप के जरिए हो रहा है।
यह नया ट्रेंड स्पष्ट करता है कि भारत में दिवाली की खरीदारी अब पारंपरिक बाजारों तक सीमित नहीं रह गई है, और 10-मिनट डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स त्यौहारों की शॉपिंग के अनुभव को पूरी तरह से बदल रहे हैं।

