बाबरी विध्वंस पर सोनिया गांधी के बयान से भड़की भाजपा, ‘राम विरोधी और बाबर समर्थक’ होने के लगाए आरोप
बाबरी विध्वंस पर सोनिया गांधी के बयान से भड़की भाजपा, ‘राम विरोधी और बाबर समर्थक’ होने के लगाए आरोप
नई दिल्ली:
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की आगामी पुस्तक ‘बिलॉन्गिंग : अ जर्नी ऑफ लव’ के विमोचन से पहले दिए गए एक इंटरव्यू ने देश की सियासत को गरमा दिया है। इंटरव्यू में उन्होंने 6 दिसंबर 1992 की घटना को याद करते हुए कहा था कि टीवी पर बाबरी मस्जिद को टूटते देख उनकी आंखों में आंसू आ गए थे और उन्हें अहसास हुआ था कि भारत के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को बचाने के लिए लंबी लड़ाई लड़नी होगी। इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस को ‘राम विरोधी’ और ‘बाबर समर्थक’ करार दिया है।
’बाबरी और बाटला हाउस पर ही क्यों बहते हैं आंसू?’
भाजपा नेताओं ने सोनिया गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया:
राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का हमला: उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी बाबरी मस्जिद और बाटला हाउस एनकाउंटर के आरोपियों के लिए आंसू बहाती हैं, जिससे यह साबित होता है कि कांग्रेस भगवान राम की विरोधी और बाबर की समर्थक है।
सांसद सुधांशु त्रिवेदी का तीखा सवाल: भाजपा सांसद ने सवाल उठाया कि 1990 में कश्मीर से हुए पंडितों के पलायन, अफजल गुरु की फांसी में देरी पर सैनिकों के दर्द या 1984 के दंगों पर सोनिया गांधी की आंखें नम क्यों नहीं हुईं? उन्होंने तंज कसा कि आज जब पूरा देश अयोध्या में दीपकों का विश्व रिकॉर्ड बना रहा है, तब कांग्रेस के अंदर का बाबरी प्रेम उजागर हो रहा है।
’लगता है कहीं चुनाव है’ — दिल्ली मंत्री प्रवेश वर्मा का तंज
सोनिया गांधी के बयान के समय पर सवाल उठाते हुए दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 33 साल बाद बाबरी की याद आना और घड़ियाली आंसू बहाना यह दर्शाता है कि आगामी चुनावों को देखते हुए यह पुराना मुद्दा फिर से छेड़ा जा रहा है।

