सेना ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावों को नकारा: पाकिस्तानी समर्थित सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा फैलाए जा रहे झूठ का किया पर्दाफाश
सेना ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावों को नकारा: पाकिस्तानी समर्थित सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा फैलाए जा रहे झूठ का किया पर्दाफाश
नई दिल्ली:
भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों की घुसपैठ और 50 किलोमीटर अंदर तक भारतीय जमीन पर कब्जा करने के सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। शनिवार को आधिकारिक बयान जारी करते हुए सेना ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे ये दावे पूरी तरह झूठे, निराधार और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए हैं।
सुनियोजित भ्रामक अभियान और सरकारी कार्रवाई
सेना के फैक्ट चेक के अनुसार, कुछ संदिग्ध पाकिस्तानी समर्थित सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा सुनियोजित तरीके से यह भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। इन पोस्टों में दावा किया गया था कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने भारतीय जवानों को हराते हुए अरुणाचल में 50 किमी अंदर तक नियंत्रण स्थापित कर लिया है। केंद्र सरकार ने ऐसे 6 सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान भी की है, जिन्होंने 6 से 7 नवंबर के बीच भारतीय सेना के खिलाफ यह गलत माहौल बनाने की साजिश रची थी।
सेना ने लोगों से अपील की है कि सीमा से जुड़ी किसी भी संवेदनशील खबर को बिना जांचे-परखे आगे न बढ़ाएं और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
वास्तविक स्थिति और आईटीबीपी प्रमुख का बयान
इससे पहले, राजस्थान के अलवर में एक समारोह के दौरान भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना होने की बात कही थी, जिसके बाद विपक्ष ने भी सवाल उठाए थे।
इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया था कि सीमा पर तनाव तब उत्पन्न होता है जब चीनी सैनिक तय गश्त के तौर-तरीकों से हटकर गतिविधियां करते हैं। हालांकि, किसी भी गलतफहमी से बचने और लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए भारत और चीन के बीच कूटनीतिक तथा सैन्य स्तर पर लगातार बातचीत जारी है।

