कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके का पीएम मोदी पर तीखा हमला: ‘जंतर-मंतर एट कोच्चि’ प्रदर्शन में उठाए विदेश नीति और एसआईआर पर सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके का पीएम मोदी पर तीखा हमला: ‘जंतर-मंतर एट कोच्चि’ प्रदर्शन में उठाए विदेश नीति और एसआईआर पर सवाल
कोच्चि:
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने ‘जंतर-मंतर एट कोच्चि’ अभियान के तहत आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर (SIR) के खिलाफ अपनी पार्टी के प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए दिपके ने केंद्र सरकार पर देश की संप्रभुता, अर्थव्यवस्था और स्वतंत्र चुनाव प्रणाली से खिलवाड़ करने के गंभीर आरोप लगाए।
विदेश नीति और अमेरिकी टैरिफ पर उठाए सवाल
अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन बयानों पर पलटवार किया, जिनमें बाहरी ताकतों द्वारा भारत को अस्थिर करने का दावा किया गया था। दिपके ने सवाल उठाते हुए कहा:
आत्मसमर्पण का आरोप: “मैं पीएम मोदी से पूछना चाहता हूं कि वह कौन था जिसने डोनाल्ड ट्रंप के सामने आत्मसमर्पण किया और उनके कहने पर रूसी तेल खरीदना बंद करने पर सहमति दी?”
असमान व्यापार समझौता: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने एक ऐसा समझौता स्वीकार किया जहां भारत को 18 फीसदी टैरिफ चुकाना पड़ रहा है, जबकि इसके बदले भारत जीरो फीसदी टैरिफ लगा रहा है। दिपके ने तंज कसते हुए कहा कि देश को बेचने का काम मौजूदा सरकार ने किया है।
’गांधी, नेहरू और आंबेडकर से कभी बड़े नहीं हो पाएंगे मोदी’
महापुरुषों के योगदान का उल्लेख करते हुए सीजेपी संस्थापक ने कहा कि महात्मा गांधी भारत की आत्मा हैं, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर रीढ़ हैं और पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत का मस्तिष्क हैं।
उन्होंने कहा कि 12 साल सत्ता में रहने के बाद, भले ही नरेंद्र मोदी 120 साल तक शासन कर लें, लेकिन वे कभी भी गांधी, नेहरू या आंबेडकर के कद के बराबर नहीं पहुंच सकते।
दिपके ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता संग्राम के समय सरकार से जुड़े विचारधारात्मक संगठन अंग्रेजों के अधीन थे और उस इतिहास के कारण वे कभी देश के लिए वह नहीं कर सकते जो इन महापुरुषों ने किया था।
’तिरंगा यात्रा और संघर्ष जारी रहेगा’
दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आरोप में अपनी और साथी नेताओं सौरव दास तथा आशुतोष रांका की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए दिपके ने कहा:
ब्रिटिश काल से तुलना: उन्होंने मोदी सरकार की तुलना ब्रिटिश शासन से की और कहा कि तिरंगा फहराने के लिए जेल भेजने जैसी घटनाएं देश में आखिरी बार अंग्रेजों के जमाने में हुई थीं।
अधिकारों पर नियंत्रण का आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों के खान-पान, निजी संबंधों और मतदान के अधिकारों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।
दिपके ने स्पष्ट किया कि हर तरह की गिरफ्तारी और हमलों के बावजूद वे देश भर में राष्ट्रीय ध्वज लेकर अपनी यात्रा जारी रखेंगे और जब तक स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनाव प्रणाली स्थापित नहीं हो जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

