उत्तराखंड

पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर दुष्कर्म का आरोप: महिला पुलिस अधिकारी करेंगी मामले की जांच

पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर दुष्कर्म का आरोप: महिला पुलिस अधिकारी करेंगी मामले की जांच

​देहरादून:

​उत्तराखंड कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के खिलाफ सिक्किम निवासी महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि वादिनी इंदिरा डेंजी उर्फ जैनी द्वारा पुलिस मुख्यालय को भेजा गया प्रार्थना पत्र देहरादून पुलिस को प्राप्त हुआ है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच डोईवाला की महिला पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) वंदना वर्मा को सौंपी गई है।

​2003 का मामला और डीएनए टेस्ट की मांग

​एसएसपी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2003 में तत्कालीन मंत्री हरक सिंह रावत ने अपने सरकारी आवास पर उनके साथ दुष्कर्म किया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया। पीड़िता का आरोप है कि उस समय आरोपी ने अपनी राजनीतिक पहुंच और सरकारी रसूख का इस्तेमाल कर मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने दी।

​प्रार्थना पत्र में पीड़िता ने उल्लेख किया है कि उनका 23 वर्षीय बेटा अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने अपने बेटे का डीएनए (DNA) परीक्षण कराने और 2003 के इस पूरे प्रकरण में विधि सम्मत सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

​भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

​इस प्रकरण के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। उत्तराखंड आवास सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष भावना मेहरा ने कांग्रेस और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान न्याय देने के बजाय पीड़िता की आवाज दबाई गई और उसे मानसिक चिकित्सालय तक भेजा गया। भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि एक नाबालिग की पीड़ा को सत्ता के रसूख के आगे क्यों अनदेखा किया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, पीड़िता को तत्काल सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक प्रभाव के कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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