दीपावली पर सैनिकों के बीच पहुंचे सीएम धामी, जवानों को अपने हाथों से खिलाई मिठाई; स्काउट्स-गाइड्स ने भी की मुलाकात
दीपावली पर सैनिकों के बीच पहुंचे सीएम धामी, जवानों को अपने हाथों से खिलाई मिठाई; स्काउट्स-गाइड्स ने भी की मुलाकात
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून के गढ़ीकैंट स्थित गढ़वाल ग्रीन्स प्रशिक्षण मैदान में आयोजित दीपावली मिलन कार्यक्रम में वीर जवानों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। इस दौरान उन्होंने सैनिकों को अपने हाथों से मिठाई खिलाई और दीपावली की शुभकामनाएं दीं। वहीं, भारत स्काउट एवं गाइड के स्थापना दिवस पर संस्था के उत्तराखंड प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की।
सैनिकों के बीच पहुंचकर साझा कीं परिवार से जुड़ी यादें
मुख्यमंत्री धामी ने जवानों से संवाद करते हुए कहा कि गढ़वाल रेजीमेंट के सैनिकों के बीच आकर उन्हें अपने परिवार के साथ दीपावली मनाने जैसा अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि सैनिक त्योहारों पर अपने घरों से दूर रहकर देश की सुरक्षा में तैनात रहते हैं, ताकि देशवासी अपने परिवारों के साथ सुरक्षित रहकर खुशियां मना सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घरों में जलने वाले दीपों के पीछे सैनिकों का त्याग और उनके परिवारों का समर्पण भी शामिल है। उन्होंने जवानों के साहस, शौर्य और राष्ट्र के प्रति समर्पण के लिए आभार जताया।
सैनिक परिवार से जुड़े हैं सीएम धामी
मुख्यमंत्री ने अपने सैनिक परिवार से जुड़ी स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि उनका जन्म एक सैनिक परिवार में हुआ है। उनके पिता ने सेना में रहते हुए उन्हें देशसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के संस्कार दिए।
उन्होंने गढ़वाल रेजीमेंट के अमर शहीद जसवंत सिंह रावत के अदम्य साहस और बलिदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध में नूरानांग मोर्चे पर जसवंत सिंह रावत का पराक्रम भारतीय सैन्य इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी सैनिकों को नमन किया।
शहीदों के परिजनों को 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सैन्य शक्ति और सामरिक क्षमता मजबूत हो रही है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, सेनाओं के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।
धामी ने बताया कि राज्य सरकार ने शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी है। शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में नौकरी देने की व्यवस्था के तहत कई आश्रितों को रोजगार भी दिया गया है। इसके लिए आवेदन की समय-सीमा दो साल से बढ़ाकर पांच साल की गई है।
उन्होंने कहा कि देहरादून में निर्माणाधीन सैन्यधाम का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। यह देश की रक्षा में बलिदान देने वाले सैनिकों के शौर्य और त्याग का प्रतीक बनेगा।
भारत स्काउट एवं गाइड के प्रतिनिधिमंडल ने भी की मुलाकात
भारत स्काउट एवं गाइड के स्थापना दिवस पर संस्था के उत्तराखंड प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास में पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को स्कार्फ पहनाकर सम्मानित किया और स्थापना दिवस का फ्लैग स्टीकर लगाया।
मुख्यमंत्री ने संस्था से जुड़े पदाधिकारियों, स्काउट्स और गाइड्स को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवाओं में अनुशासन, सेवा भावना, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में स्काउट एवं गाइड की महत्वपूर्ण भूमिका है। आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में संस्था के प्रयास सराहनीय हैं।
1950 में हुआ था भारत स्काउट एवं गाइड का गठन
संस्था के प्रादेशिक सचिव रविन्द्र मोहन काला ने मुख्यमंत्री को संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत स्काउट एवं गाइड का गठन 7 नवंबर 1950 को हुआ था।
उन्होंने उत्तराखंड में संचालित हैम रेडियो पायलट प्रोजेक्ट और युवा आपदा मित्र कार्यक्रम के बारे में भी जानकारी दी। इन कार्यक्रमों के तहत स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
दीपावली मिलन कार्यक्रम में गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप, उत्तराखंड सब एरिया के डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर आरएस थापा सहित सैन्य अधिकारी और जवान मौजूद रहे। वहीं, स्काउट एवं गाइड के प्रतिनिधिमंडल में अपर प्रादेशिक मुख्य आयुक्त बंदना गर्ब्याल, रविन्द्र मोहन काला, जेपी काला, अंजलि चंदोला और अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।

