पंचकूला के सरकारी स्कूल में केजी की बच्ची पर हमला: PUBG जैसे गेम्स के प्रभाव का खुलासा, 2 शिक्षक सस्पेंड और FIR दर्ज
पंचकूला के सरकारी स्कूल में केजी की बच्ची पर हमला: PUBG जैसे गेम्स के प्रभाव का खुलासा, 2 शिक्षक सस्पेंड और FIR दर्ज
पंचकूला (हरियाणा): हरियाणा के पंचकूला स्थित एक सरकारी स्कूल में तीसरी कक्षा के छात्र द्वारा केजी में पढ़ने वाली 6 साल की बच्ची पर किए गए जानलेवा और क्रूर हमले के मामले में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। घटना का विचलित कर देने वाला सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद जहां पूरे देश में आक्रोश फैल गया, वहीं अब पीड़ित बच्ची के परिवार ने इसके पीछे हिंसक मोबाइल गेमिंग की आदत को जिम्मेदार बताया है।
घटना का कारण और शातिर तरीका: ‘PUBG’ का असर
गेमिंग एडिक्शन का असर: पीड़ित बच्ची के चाचा फाजिल ने मीडिया को बताया कि आरोपी बच्चा PUBG जैसे अत्यधिक एग्रेसिव (हिंसक) मोबाइल गेम्स खेलने का आदी था। आरोपी छात्र के पिता ने भी उसकी इस गेमिंग आदत की पुष्टि की है।
बहाने से ले गया था दूर: घटना वाले दिन आरोपी लड़के ने पहले बच्ची को ‘पागल’ कहा। जब बच्ची ने इसकी शिकायत करने की बात कही, तो उसने शातिराना अंदाज में कहा कि “तुम्हारे पापा ऊपर हैं, मेरे साथ चलो”। इसके बाद वह बच्ची को सुनसान जगह ले गया और उस पर गमले व भारी पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
बच्ची की स्वास्थ्य स्थिति और कानूनी कार्रवाई
अस्पताल में इलाज: बच्ची के चाचा के अनुसार, अस्पताल में लगातार मिल रही अच्छी मेडिकल केयर के बाद बच्ची की हालत अब पहले से बेहतर है। डॉक्टर्स उसकी स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रहे हैं।
दो अलग-अलग FIR: मामले में स्कूल प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है, साथ ही आरोपी नाबालिग छात्र के खिलाफ भी एक अलग एफआईआर दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।
शिक्षा विभाग का एक्शन और सुरक्षा पर उठे सवाल
दो जेबीटी (JBT) शिक्षक निलंबित: घटना के समय ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में हरियाणा शिक्षा विभाग ने दो जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (JBT) शिक्षकों—सिमरनजीत कौर और पूजा रानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।
बाल आयोग का स्वतः संज्ञान: हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (SCPCR) ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए पंचकूला के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से विभाग द्वारा की गई कार्रवाई की बिंदुवार तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है।
परिवार के आरोप: परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि प्रिंसिपल ऑफिस में सीसीटीवी कैमरे की स्क्रीन होने के बावजूद इतना लंबा हमला किसी की नजर में क्यों नहीं आया। हैरान करने वाली बात यह भी रही कि वारदात के बाद आरोपी छात्र खुद परिजनों को बेहोश बच्ची के पास लेकर गया था।

