SIR पर संसद में चर्चा के लिए तैयार सरकार, अमित शाह ने विपक्ष से कहा- सदन चलने दें
SIR पर संसद में चर्चा के लिए तैयार सरकार, अमित शाह ने विपक्ष से कहा- सदन चलने दें
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में गृह मंत्री ने नक्सलवाद, राज्य के विकास और सांस्कृतिक विरासत का भी किया जिक्र
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार संसद में इस विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से संसद की कार्यवाही बाधित नहीं करने और सदन को चलने देने की अपील की।
शाह ने कहा कि यदि विपक्ष SIR पर चर्चा करना चाहता है, तो सरकार इसके लिए तैयार है। केंद्रीय गृह मंत्री मंगलवार को छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होने अटल नगर-नवा रायपुर पहुंचे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहे।
इस दौरान शाह ने छत्तीसगढ़ के गठन, राज्य के विकास, नक्सलवाद के खात्मे और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया।
अटल बिहारी वाजपेयी ने दी छत्तीसगढ़ को अलग पहचान
गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देते हुए कहा कि वर्ष 2000 में अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना की थी। उस समय इस क्षेत्र के साथ अन्याय हो रहा था और इसका विकास रुका हुआ था। राज्य का गठन कर वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ को अलग पहचान दी।
शाह ने कहा कि इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को संवारने और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने का काम किया।
नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की राह पर छत्तीसगढ़
अमित शाह ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। यह राज्य के लिए गौरव, उपलब्धि और संकल्प का अवसर है।
उन्होंने इस उपलब्धि के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों के योगदान की सराहना की। शाह ने नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ और नक्सल मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने में सुरक्षा बलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना
गृह मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने हमेशा असंवैधानिक सरकारों और सांसदों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में जनता की ओर से चुनी हुई सरकार नहीं थी, वहां नक्सलियों ने अपना अलग गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री बना रखा था।
शाह ने सवाल उठाया कि आखिर किस संविधान ने उन्हें ऐसी सरकार चलाने का अधिकार दिया था?
उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सलियों ने कई निर्दोष पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्रों को पेड़ों पर लटकाकर फांसी दी। शाह ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह संसद में ऐसे लोगों और व्यवस्थाओं का समर्थन करते हैं।
छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपराओं का किया उल्लेख
समारोह में अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और लोक परंपराओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास और गुरु नानक देव के संदेशों में समानता, सेवा और सत्य का भाव छत्तीसगढ़ की परंपरा का हिस्सा है।
उन्होंने राज्य की लोक संस्कृति को जीवित रखने और उसे आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के प्रयासों की सराहना की।
शाह ने छत्तीसगढ़ पंडुम, बस्तर ओलंपिक, पंथी, पंडवानी, राउत नाचा, करमा और सैला नृत्य जैसी सांस्कृतिक परंपराओं का उल्लेख किया। उन्होंने ढोकरा कला, बेल मेटल, कास्ट क्राफ्ट और कोसा जैसी हस्तकलाओं को राज्य की विशिष्ट पहचान बताया।
गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर दशहरा की 75 दिनों तक चलने वाली अनूठी परंपरा को भी राज्य सरकार ने नई पहचान दी है।
विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प
अमित शाह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ को अलग राज्य की पहचान दी थी। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के संकल्प को पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

