नागपुर स्नातक सीट पर जीत के बाद कांग्रेस का सीएम देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला, डिलीट की गई एक्स (X) पोस्ट पर छिड़ा घमासान
नागपुर स्नातक सीट पर जीत के बाद कांग्रेस का सीएम देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला, डिलीट की गई एक्स (X) पोस्ट पर छिड़ा घमासान
नागपुर/मुंबई: महाराष्ट्र विधान परिषद के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के महत्वपूर्ण चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। 45 घंटे से अधिक समय तक चली लंबी मतगणना के बाद आए नतीजों में कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों से हराकर सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। अभिजीत वंजारी को कुल 67,231 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 63,960 वोट हासिल हुए।
नागपुर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है। ऐसे में इस सीट पर भाजपा की हार को सत्तारूढ़ दल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर तंज और ‘पोस्ट डिलीट’ विवाद:
मतगणना के दौरान शुरुआती रुझानों को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर कांग्रेस के एक भी सीट न जीतने का मजाक उड़ाते हुए तंज कसा था। हालांकि, अंतिम दौर की मतगणना में जैसे ही कांग्रेस के अभिजीत वंजारी की जीत की पुष्टि हुई, मुख्यमंत्री ने अपना वह पोस्ट हटा (डिलीट कर) दिया।
इस घटनाक्रम पर महाराष्ट्र कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री पर पलटवार करते हुए लिखा:
”पोस्ट डिलीट करके फडणवीस जी ने एक बार फिर सावरकर की विरासत को दोहराया है। अंतिम परिणाम घोषित होने से पहले ही बड़ा प्रहार करने का दिखावा करते हुए जल्दबाजी में पोस्ट किया गया, लेकिन वही तीर उन पर ही उल्टा पड़ गया! अंततः उन्हें पोस्ट डिलीट करने के लिए मजबूर होना पड़ा।”
कांग्रेस ने आगे चेतावनी देते हुए कहा, “फडणवीस जी, अभी से डर गए? यह तो बस एक ट्रेलर है! 2029 में महाराष्ट्र की जनता आपकी राजनीतिक सत्ता को इस तरह से ध्वस्त कर देगी कि आपको आज की पोस्ट याद आ जाएगी।”
ईवीएम और बैलेट पेपर पर पीएम मोदी को कांग्रेस की चुनौती:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में राज्यों में मतपत्रों से हुए विधान परिषद चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल खड़े किए थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री को सीधी चुनौती दी। खेड़ा ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री को पूरा भरोसा है कि ईवीएम से चुनाव नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ता, तो उन्हें आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव मतपत्रों (Ballot Paper) के जरिए कराकर भाजपा की ताकत साबित करनी चाहिए।
इसके अलावा कांग्रेस पार्टी ने मतदाता सूची के विवादास्पद विशेष गहन संशोधन (SIR) कार्यक्रम को तुरंत रोकने, प्रक्रियात्मक अनियमितताओं के कारण हटाए गए 13 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई करने की अपनी मांगों को पुनः दोहराया है।

