इज़राइल चुनाव के रुझानों में त्रिशंकु संसद के आसार, 19 सीटों के साथ अरब पार्टियां बनीं ‘किंगमेकर’
इज़राइल चुनाव के रुझानों में त्रिशंकु संसद के आसार, 19 सीटों के साथ अरब पार्टियां बनीं ‘किंगमेकर’
यरुशलम: इज़राइल में हुए हालिया संसदीय चुनाव (नेसेट) के 91% से अधिक मतों की गणना पूरी होने के बाद देश एक बार फिर गंभीर राजनीतिक गतिरोध और त्रिशंकु संसद की कगार पर खड़ा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का दक्षिणपंथी गठबंधन और पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइज़नकोट का विपक्षी गठबंधन, दोनों ही 120 सदस्यीय संसद में बहुमत के 61 सीटों के आंकड़े से दूर नजर आ रहे हैं। इस बीच, अरब समुदाय के रिकॉर्ड मतदान की बदौलत अरब दलों ने 19 सीटें जीतकर राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं और वे ‘किंगमेकर’ की भूमिका में आ गए हैं।
संसदीय सीटों का मौजूदा समीकरण:
नेतन्याहू गठबंधन: 53 सीटें (बहुमत से 8 सीटें दूर)
गादी आइज़नकोट (विपक्षी गठबंधन): 48 सीटें
अरब पार्टियां (जॉइंट लिस्ट व अन्य): 19 सीटें
बहुमत का आंकड़ा: 61 सीटें (कुल 120 सीटें)
अरब दलों की पेशकश और आइज़नकोट की दुविधा:
अरब पार्टियों के ‘जॉइंट लिस्ट’ गठबंधन के नेताओं यूसुफ जबरीन और अहमद तिबी ने संकेत दिए हैं कि वे नेतन्याहू को सत्ता से बाहर रखने के लिए विपक्षी गठबंधन को समर्थन देकर वैकल्पिक सरकार बनाने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, गादी आइज़नकोट पूर्व में अरब दलों के सीधे समर्थन से बचते रहे हैं, लेकिन 48 सीटों पर सिमटने के बाद उनके पास सरकार बनाने का यही एकमात्र रास्ता बचता दिख रहा है।
5 लाख ‘डबल-एंवेलप’ वोटों पर टिकी नजरें:
केंद्रीय चुनाव समिति ने सैनिकों, राजनयिकों, पुलिसकर्मियों और मरीजों के 5 लाख से अधिक अनुपस्थित (डबल-एंवेलप) मतपत्रों की गिनती शुरू कर दी है। चूंकि सुरक्षा बलों के वोट पारंपरिक रूप से दक्षिणपंथी दलों के पक्ष में जाते रहे हैं, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये मत नेतन्याहू के गठबंधन की स्थिति को सुधार पाते हैं या नहीं।
’चुनाव चोरी’ के आरोपों पर पुलिस और चुनाव आयोग की सफाई:
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी लिकुड पार्टी ने चुनाव में धोखाधड़ी, हिंसा और रिश्वतखोरी के आरोप लगाते हुए कहा कि अरब दलों ने ‘चुनाव चुरा’ लिया है। हालांकि, इज़राइल पुलिस और सेंट्रल इलेक्शन कमिटी (CEC) ने लिकुड पार्टी के धांधली संबंधी इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। पुलिस ने कहा कि मतदान के दिन कुछ मामूली असामान्य घटनाएं हुई थीं, लेकिन चुनावी निष्पक्षता को प्रभावित करने वाला कोई सबूत नहीं मिला है।
सरकार गठन के लिए 42 दिनों का समय:
इज़राइली संविधान के तहत राष्ट्रपति द्वारा नामांकित नेता को गठबंधन बनाने के लिए 28 दिनों का समय मिलेगा, जिसे विशेष परिस्थिति में 14 दिन और बढ़ाया जा सकता है। यदि 42 दिनों के भीतर कोई भी नेता 61 सांसदों का समर्थन हासिल नहीं कर पाता है, तो देश को एक बार फिर मध्यावधि चुनाव का सामना करना पड़ेगा।

