Monday, October 26, 2026
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दिल्ली में प्रदूषण पर कसता शिकंजा: 1 नवंबर से लागू होंगे 5 बड़े और सख्त नियम, 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य

दिल्ली में प्रदूषण पर कसता शिकंजा: 1 नवंबर से लागू होंगे 5 बड़े और सख्त नियम, 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य

​सर्दियों की आहट के साथ ही राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता (AQI) के बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है। हवा को जहरीली होने से बचाने, धूल के कणों पर नियंत्रण पाने और पराली व धुंध से बनने वाले स्मॉग को रोकने के लिए दिल्ली सरकार तथा केंद्रीय एजेंसियों ने 1 नवंबर 2026 से पांच अत्यंत सख्त नियम लागू करने का निर्णय लिया है।

​1. 50% वर्क फ्रॉम होम और दफ्तरों की नई टाइमिंग:

​सड़कों पर वाहनों की भीड़ घटाने के लिए 1 नवंबर से वर्क फ्रॉम होम और समय में बदलाव लागू होगा:

​कर्मचारियों की उपस्थिति: सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के कार्यालयों में केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही दफ्तर आएंगे, जबकि शेष 50% कर्मचारी ‘वर्क फ्रॉम होम’ करेंगे।

​समय में बदलाव:

​MCD और स्थानीय निकाय दफ्तर: सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक।

​दिल्ली सरकार के कार्यालय: सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक।

​2. ‘नो पीयूसी-नो फ्यूल’ (No PUC-No Fuel) नियम:

​स्मार्ट स्कैनिंग: दिल्ली के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं मिलेगा।

​ANPR कैमरे: सभी पेट्रोल पंपों पर ‘ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन’ (ANPR) कैमरे लगाए जा रहे हैं। वाहन के आते ही उसका नंबर स्कैन होगा और सरकारी डेटाबेस से जांच के बाद ही ईधन मिलेगा।

​3. बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक (BS-4 से नीचे की गाड़ियां):

​3 महीने का प्रतिबंध: 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक एनसीआर या अन्य राज्यों में पंजीकृत BS-4 से नीचे के मानकों वाले सभी पेट्रोल और डीजल वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

​बॉर्डर पर चेकिंग: दिल्ली को जोड़ने वाले सभी अंतर्राज्यीय सीमाओं पर सख्त चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।

​4. निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) गतिविधियों पर पूर्ण पाबंदी:

​सर्दियों में हवा की गति धीमी होने से धूल का प्रदूषण बढ़ता है। इसलिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली में सभी प्रकार की सिविल कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन (तोड़फोड़) गतिविधियों पर रोक रहेगी।

​फ्लाइओवर, सड़कों और बड़ी इमारतों के चल रहे प्रोजेक्ट्स पर भी निगरानी रखी जाएगी और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​5. पराली पर नजर: पंजाब-हरियाणा में 300 टीमें व 13 हॉटस्पॉट चौकियां:

​300 विशेष टीमें तैनात: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और CPCB ने हरियाणा और पंजाब में खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर सख्त नजर रखने के लिए 300 टीमों का गठन किया है।

​दिल्ली के 13 हॉटस्पॉट पर कड़ी निगरानी: दिल्ली सरकार ने सीमाओं के साथ-साथ शहर के सबसे ज्यादा प्रदूषित 13 इलाकों (जैसे- आनंद विहार, वजीरपुर, मुंडका, आर.के. पुरम आदि) पर विशेष निगरानी चौकियां और टीमें तैनात की हैं।

​(हालांकि, हाल ही में हुई बारिश के कारण अक्टूबर में दिल्ली का AQI पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर रहा है, लेकिन आने वाले हफ्तों में स्थिति न बिगड़े, इसके लिए प्रशासन ने यह अग्रिम कदम उठाए हैं।)

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