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जॉर्डन के करक शहर में चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान खूनी फायरिंग: 7 की मौत, 40 घायल; देश में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक

जॉर्डन के करक शहर में चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान खूनी फायरिंग: 7 की मौत, 40 घायल; देश में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक

​जॉर्डन की राजधानी अम्मान से दक्षिण में करीब 180 किलोमीटर दूर स्थित करक (Karak) शहर के एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में शुक्रवार को एक अंतिम संस्कार के दौरान अज्ञात बंदूकधारियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस भीषण आतंकवादी हमले में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद देश में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है।

​हमले का विवरण और चश्मदीदों के बयान

​सीसीटीवी और वीडियो फुटेज: सरकारी टेलीविजन फुटेज में पिस्तौल और सेमी-ऑटोमैटिक राइफल्स से लैस तीन से चार बंदूकधारी चर्च की ओर बढ़ते और अंधाधुंध गोलियां चलाते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के वीडियो में चर्च के फर्श पर टूटे हुए कांच और खून के धब्बे साफ देखे जा सकते हैं।

​चीख-पुकार और दहशत: अंदर मौजूद शोक मनाने वाले एक व्यक्ति, डोरघम हलासा ने बताया कि अंतिम संस्कार शुरू होने के महज 15 मिनट बाद ही भारी गोलीबारी शुरू हो गई, जिससे वहां भगदड़ मच गई।

​शीर्ष नेतृत्व की कड़ी प्रतिक्रिया

​किंग अब्दुल्ला द्वितीय: जॉर्डन के शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जॉर्डन करक को निशाना बनाने वाली इस आतंकवादी घटना के दोषियों को सबसे कड़ी सजा देगा। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

​प्रधानमंत्री जाफ़र हसन: पीएम ने करक में बुलाई गई उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक में इसे “आतंकवादी विचारधारा और अंध कट्टरपंथ” का नतीजा बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का संकल्प लिया।

​स्वास्थ्य मंत्रालय: स्वास्थ्य मंत्री इब्राहिम अल-बुदौर ने बताया कि घायलों में से दो की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज जारी है।

​अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी निंदा

​इस कायराना हमले की पूरे मध्य पूर्व और दुनिया भर में कड़ी निंदा की गई है:

​अल-अजहर (मिस्र): काहिरा स्थित सुन्नी इस्लाम के प्रमुख संस्थान ‘अल-अजहर’ के ग्रैंड इमाम अहमद अल-तैयब ने इसे एक जघन्य आतंकवादी हमला करार दिया।

​संयुक्त राष्ट्र (UN): संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में खड़ा करने की मांग की।

​इसके अलावा लेबनान, सीरिया, ओमान और इराक के विदेश मंत्रियों व शीर्ष नेताओं ने भी जॉर्डन के साथ एकजुटता दिखाते हुए आतंकवाद के खिलाफ पूरी ताकत से खड़े होने का संकल्प लिया है।

​(नोट: ऐतिहासिक रूप से करक शहर में ईसाई अल्पसंख्यक आबादी निवास करती है। इससे पहले 2016 में भी यहां आतंकियों द्वारा पुलिस और एक प्रसिद्ध क्रूसेडर किले को निशाना बनाया गया था, जिसमें 10 लोग मारे गए थे।)

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