अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दो टूक: समझौता न करने पर एक और सैन्य हमले की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दो टूक: समझौता न करने पर एक और सैन्य हमले की चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा के फोर्ट मायर्स में एक रिपब्लिकन चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि तेहरान अमेरिका के साथ समझौता करने में विफल रहता है, तो अमेरिकी सेना ईरान पर एक और दौर के सैन्य हमले कर सकती है।
ट्रंप के संबोधन और इंटरव्यू के मुख्य बिंदु:
सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला: ट्रंप ने कहा कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं, तो अमेरिका अपने सैन्य अभियानों को दोहरा सकता है। उन्होंने समर्थकों से कहा, “हम एक और छोटा एपिक फ्यूरी कर सकते हैं, या वे मान जाएंगे। अगर वे समझदार हैं तो बस कहेंगे, चलिए काम की बात करते हैं।”
पिछले सैन्य अभियानों का जिक्र: राष्ट्रपति ने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ और ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का हवाला देते हुए दावा किया कि इन हमलों से ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता नष्ट हो गई है, तथा उसकी सेना और अर्थव्यवस्था बुरी तरह कमजोर हो चुकी है।
परमाणु हथियार रोकना मुख्य लक्ष्य: टीवी चैनल विंक-टीवी को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना इस सैन्य अभियान का सबसे बड़ा उद्देश्य था। उन्होंने बचाव करते हुए कहा कि यदि उन्होंने यह कदम न उठाया होता, तो ईरान के पास आज परमाणु हथियार होता।
गंभीर आर्थिक संकट: रैली में ट्रंप ने ईरान पर पड़ रहे आर्थिक दबाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां भारी महंगाई है और देश गंभीर आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य और आर्थिक नीतियों ने तेहरान के सामने अपनी स्थिति पर पुनर्विचार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा है।
होर्मुज स्ट्रेट और तेल ढुलाई: ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ईरान के खिलाफ रणनीतिक जलमार्ग (होर्मुज स्ट्रेट) पर नाकाबंदी लागू किए हुए है, और इस संघर्ष के बावजूद वहां से तेल की ढुलाई में बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ईरान को समझौते के लिए किन शर्तों को मानना होगा, लेकिन उनके बयानों से साफ है कि अमेरिका कूटनीतिक समझौते की गुंजाइश के साथ-साथ सैन्य दबाव बनाए रखने के लिए भी पूरी तरह तैयार है।

