गायक सोनू निगम ने कर्नाटक के लोगों से मांगी सार्वजनिक माफी: कन्नड़ गीत विवाद पर डेढ़ साल बाद जताया खेद, प्रो-कन्नड़ संगठनों ने विवाद खत्म करने की घोषणा की
गायक सोनू निगम ने कर्नाटक के लोगों से मांगी सार्वजनिक माफी: कन्नड़ गीत विवाद पर डेढ़ साल बाद जताया खेद, प्रो-कन्नड़ संगठनों ने विवाद खत्म करने की घोषणा की
बेंगलुरु:
प्रसिद्ध पार्श्व गायक सोनू निगम ने अपने एक पुराने विवादित बयान को लेकर कर्नाटक की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने अपने एक कॉन्सर्ट के दौरान बार-बार कन्नड़ गीत गाने की मांग की तुलना पहलगाम आतंकी हमले से कर दी थी, जिसके बाद से कर्नाटक में उनके खिलाफ तीखा आक्रोश और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा था।
वीडियो संदेश में सोनू निगम ने क्या कहा?
हाल ही में बेंगलुरु में उनके प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर कुछ प्रो-कन्नड़ संगठनों द्वारा कड़ा विरोध किए जाने और पुलिस से अनुमति रद्द करने की मांग के बाद सोनू निगम ने एक वीडियो संदेश जारी किया।
भावनाओं को आहत करने पर खेद: वीडियो में सोनू निगम ने स्पष्ट किया कि वह कर्नाटक और वहां के लोगों से बेहद प्रेम करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके किसी शब्द से किसी भी कन्नड़भाषी व्यक्ति या समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उन्हें इसका गहरा खेद है और वह इसके लिए दिल से क्षमा मांगते हैं।
अहंकार से ऊपर समझदारी: रिश्तों की अहमियत समझाते हुए उन्होंने कहा, “अगर आप किसी से प्यार करते हैं और चाहते हैं कि रिश्ता बना रहे, तो आपको 1,000 बार भी ‘सॉरी’ बोलने में कोई झिझक या परेशानी नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने कर्नाटक के लोगों द्वारा दिए गए पुराने प्यार और समर्थन को भी याद किया।
कन्नड़ रक्षणा वेदिके के प्रमुख नारायण गौड़ा का बयान
इस माफीनामे के बाद स्थिति में सुधार देखने को मिला है। विवाद के बीच सोनू निगम ने कन्नड़ रक्षणा वेदिके के प्रमुख नारायण गौड़ा से फोन पर बातचीत की, जिसके बाद यह वीडियो सामने आया।
विवाद समाप्त करने की अपील: नारायण गौड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जानकारी दी कि सोनू निगम ने फोन पर यह स्वीकार किया है कि उनके पुराने बयान से कन्नड़ लोगों की भावनाएं आहत हुई थीं।
उदारता का परिचय: नारायण गौड़ा ने कहा, “हम सभी सोनू निगम की आवाज और उनके गानों से प्यार करते हैं। हमारे मन में उनके प्रति कोई व्यक्तिगत द्वेष नहीं था, हमें सिर्फ उनके बयान पर आपत्ति थी। चूंकि अब उन्होंने माफी मांग ली है, इसलिए हमें इस विवाद को यहीं समाप्त कर देना चाहिए। क्षमा करना हमारी कन्नड़ संस्कृति और जनता की उदारता का हिस्सा है।”
दिग्गज गायकों का जिक्र: उन्होंने घंटासाला, पीबी श्रीनिवास, के.जे. येसुदास, एस. जानकी, वाणी जयराम और के.एस. चित्रा जैसे गैर-कन्नड़ दिग्गज गायकों का उदाहरण देते हुए कहा कि कर्नाटक ने हमेशा बाहर से आने वाले कलाकारों को सिर-आंखों पर बैठाया है और सोनू निगम भी इसी महान परंपरा का हिस्सा हैं।
नारायण गौड़ा ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सोनू निगम कर्नाटक में अपनी प्रस्तुतियां देते रहेंगे और संगीत के जरिए प्रेम का संदेश फैलाएंगे। इस सुलह के बाद अब बेंगलुरु और राज्य में उनके कार्यक्रमों को लेकर चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया है।

