फ्रांस में बढ़ती हिंसा के बीच कई शहरों में आंशिक कर्फ्यू लागू: 2,300 से अधिक गिरफ्तार, डोनाल्ड ट्रंप ने इमिग्रेशन नीति को ठहराया जिम्मेदार
फ्रांस में बढ़ती हिंसा के बीच कई शहरों में आंशिक कर्फ्यू लागू: 2,300 से अधिक गिरफ्तार, डोनाल्ड ट्रंप ने इमिग्रेशन नीति को ठहराया जिम्मेदार
पेरिस / वाशिंगटन:
महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतों, गिरती क्रय क्षमता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांगों को लेकर फ्रांस में चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए फ्रांस सरकार ने देश के कई प्रभावित इलाकों में आंशिक कर्फ्यू (Partial Curfew) लागू कर दिया है।
सख्त कर्फ्यू से सुधरे हालात, आपातकाल की चेतावनी
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर जानकारी देते हुए कहा कि लक्षित क्षेत्रों में लागू कर्फ्यू के कारण स्थिति में काफी हद तक सुधार हुआ है और शांति स्थापित हुई है।
स्थानीय स्तर पर फैसले: प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित शहरों के मेयर जमीनी हालात का आकलन कर जरूरत के हिसाब से कर्फ्यू की अवधि बढ़ाने और नए क्षेत्रों में पाबंदियां लगाने का फैसला ले रहे हैं।
आपातकाल का विकल्प: प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि लूटपाट और उपद्रव की घटनाएं जारी रहती हैं, तो सरकार आवश्यकता पड़ने पर देश में आपातकाल (State of Emergency) घोषित करने से भी पीछे नहीं हटेगी।
तबाही के आंकड़े: गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सप्ताहांत में करीब 5,50,000 लोगों ने प्रदर्शनों में भाग लिया। इस दौरान हुए हिंसक झड़पों में 2,397 लोगों को हिरासत/गिरफ्तार किया गया, जबकि 997 पुलिस अधिकारी व सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं (जिनमें से 7 की हालत गंभीर है)। ऐतिहासिक शहर लिमोज (Limoges) के टाउन हॉल को भी नकाबपोश उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा हमला: प्रवासियों को ठहराया जिम्मेदार
फ्रांस में जारी इस भीषण अशांति पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कंसास में एक चुनावी रैली के लिए रवाना होने से पहले ट्रंप ने यूरोप में बढ़ती अस्थिरता के लिए प्रवासियों और यूरोप की कमजोर आव्रजन नीतियों (Immigration Policies) को मुख्य जिम्मेदार ठहराया।
मैक्रों को दी थी चेतावनी: ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों को कई साल पहले चेतावनी दी थी कि सीमाओं पर ढील देना और बड़े पैमाने पर प्रवासियों को प्रवेश देना एक बड़ी गलती साबित होगी।
सीमाएं बंद करने की अपील: ट्रंप ने कहा, “मैंने इमानुएल से कहा था कि आपको अपनी सीमाएं तुरंत बंद कर देनी चाहिए। फ्रांस और इटली अपनी सीमाओं पर नियंत्रण नहीं बढ़ाएंगे, तो उन्हें और ज्यादा अस्थिरता का सामना करना पड़ेगा।”
फ्रांसीसी अधिकारियों की सफाई: “कट्टरपंथी समूह हैं असली वजह”
हालांकि, ट्रंप के दावों के विपरीत फ्रांसीसी अधिकारियों और सरकार ने स्पष्ट किया है कि हाल की हिंसा के पीछे मुख्य वजह कट्टरपंथी उपद्रवी समूह हैं, जो छात्रों, ट्रेड यूनियनों और आम नागरिकों द्वारा महंगाई के खिलाफ चलाए जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की आड़ में दंगे भड़का रहे हैं।
राष्ट्रपति मैक्रों ने हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि उपद्रवियों और अपनी वास्तविक समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे आम नागरिकों के बीच फर्क किया जाना जरूरी है। फिलहाल पुलिस बल कानून-व्यवस्था बहाल करने में जुटे हुए हैं।

