भागूवाला में नया टोल प्लाजा शुरू होने से उत्तराखंड रोडवेज बसों का किराया बढ़ा: यात्रियों पर प्रति यात्री ₹5 का अतिरिक्त बोझ
भागूवाला में नया टोल प्लाजा शुरू होने से उत्तराखंड रोडवेज बसों का किराया बढ़ा: यात्रियों पर प्रति यात्री ₹5 का अतिरिक्त बोझ
नजीबाबाद / हल्द्वानी / काशीपुर:
नजीबाबाद मार्ग पर भागूवाला में नया टोल प्लाजा शुरू होने से उत्तराखंड रोडवेज की बसों से सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया है। टोल टैक्स का खर्च बढ़ने के कारण रोडवेज बसों के किराये में प्रति यात्री पांच रुपये (₹5) की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे काशीपुर, रामनगर, हल्द्वानी और रुद्रपुर जैसे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा करना महंगा हो गया है।
क्यों बढ़ा किराया?
नजीबाबाद मार्ग पर भागूवाला से आगे उत्तर प्रदेश की सीमा के भीतर एक नया टोल प्लाजा बनाया गया है। इस मार्ग पर पहले से ही दो टोल प्लाजा संचालित हो रहे थे, और अब तीसरा टोल प्लाजा बन जाने से रोडवेज बसों का कुल टोल खर्च काफी बढ़ गया है। इसी अतिरिक्त आर्थिक भार को यात्रियों पर डालते हुए किराए में यह संशोधन किया गया है।
किराये में हुई मुख्य बढ़ोतरी की सूची:
नया टोल प्लाजा शुरू होने के बाद विभिन्न रूटों पर संशोधित किराया इस प्रकार है:
काशीपुर: ₹290 से बढ़कर ₹295
रामनगर: ₹330 से बढ़कर ₹335
रुद्रपुर: ₹380 से बढ़कर ₹385
हल्द्वानी: ₹430 से बढ़कर ₹435
टनकपुर: ₹555 से बढ़कर ₹560
रूपहेडिया: ₹815 से बढ़कर ₹820
यात्रियों में नाराजगी और विरोध
किराये में बार-बार की जा रही इस बढ़ोतरी को लेकर यात्रियों में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
यात्रियों का पक्ष: यात्रियों का कहना है कि कभी डीजल के दाम बढ़ने तो कभी नए टोल प्लाजा के नाम पर किराया बढ़ा दिया जाता है, जिससे आम आदमी का मासिक बजट प्रभावित होता है। यात्रियों का यह भी आरोप है कि टोल टैक्स का भुगतान करने के बावजूद उन्हें कई जगहों पर जर्जर और खराब सड़कों पर सफर करना पड़ता है।
प्रमुख मांगें: काशीपुर निवासी राजेंद्र जोशी, हल्द्वानी निवासी हरजीत सिंह और रामनगर निवासी अरविंद सती जैसे यात्रियों ने चिंता जताते हुए कहा कि साल में तीन-चार बार किराया बढ़ने से जनता परेशान है। उन्होंने सरकार और परिवहन विभाग से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकारी बसों को टोल टैक्स से छूट दी जानी चाहिए ताकि आम जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

