आइची-नागोया पैरा एशियन गेम्स 2026: महिलाओं की 10m एयर पिस्टल में सृष्टि अरोड़ा ने जीता कांस्य पदक, शूटिंग में भारत का चौथा पदक
आइची-नागोया पैरा एशियन गेम्स 2026: महिलाओं की 10m एयर पिस्टल में सृष्टि अरोड़ा ने जीता कांस्य पदक, शूटिंग में भारत का चौथा पदक
नागोया (जापान):
जापान में चल रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 स्पर्धा के फाइनल में भारत की युवा शूटर सृष्टि अरोड़ा ने अपने पदार्पण (Debut) पर ही बेहतरीन खेल दिखाते हुए कांस्य पदक (Bronze Medal) अपने नाम कर लिया है।
फाइनल मुकाबले का रोमांच
सृष्टि अरोड़ा का प्रदर्शन: अपने पहले ही महाद्वीपीय टूर्नामेंट में शानदार संयम और सटीकता का परिचय देते हुए सृष्टि ने फाइनल में 214.7 का स्कोर बनाया और पोडियम पर तीसरा स्थान हासिल किया।
स्वर्ण और रजत पदक: इस स्पर्धा में ईरान की दिग्गज निशानेबाजों ने बाजी मारी। फैजेह अहमदी ने 237.3 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि उनकी हमवतन और स्टार शूटर सारेह जवानमर्दी ने 237.0 अंकों के साथ रजत पदक अपने नाम किया।
सुमेधा पाठक का प्रदर्शन: इस फाइनल में उतरी एक अन्य भारतीय निशानेबाज सुमेधा पाठक (जिन्होंने क्वालीफिकेशन में टॉप किया था) 111.4 अंकों के साथ आठवें स्थान पर रहीं।
इस पदक के साथ ही एशियन पैरा गेम्स 2026 में शूटिंग के मैदान पर भारत का यह कुल चौथा पदक है। इससे पहले मंगलवार को ही मनीष नरवाल ने पुरुषों की 10m एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीता था।
पैरा शूटिंग में भारत की शानदार शुरुआत
एशियन पैरा गेम्स के इन शुरुआती दो दिनों में भारतीय शूटर्स ने अपनी अचूक निशानेबाजी से इतिहास रच दिया है:
मोना अग्रवाल: महिलाओं की 10m एयर राइफल SH1 में स्वर्ण पदक (250.0 का नया एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड)।
अवनी लेखरा: महिलाओं की 10m एयर राइफल SH1 में रजत पदक (249.6 स्कोर), साथ ही LA 2028 पैरालंपिक का कोटा।
मनीष नरवाल: पुरुषों की 10m एयर पिस्टल SH1 में रजत पदक और LA 2028 पैरालंपिक कोटा।
सृष्टि अरोड़ा: महिलाओं की 10m एयर पिस्टल SH1 में कांस्य पदक।
(नोट: SH1 स्पोर्ट्स क्लास उन एथलीटों के लिए होती है जिनके ऊपरी या निचले अंगों में शारीरिक अक्षमता होती है, लेकिन वे बिना किसी विशेष स्टैंड के अपनी बंदूक को स्वतंत्र रूप से संभाल सकते हैं।)
सृष्टि अरोड़ा का अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने पहले ही बड़े टूर्नामेंट में पदक जीतना यह साबित करता है कि भारतीय पैरा-शूटिंग का भविष्य बेहद उज्ज्वल है।

