उत्तरकाशी में फंसे ट्रैकर्स और पोर्टर्स के लिए राहत एवं बचाव अभियान: 40 सदस्यों का सफल रेस्क्यू
उत्तरकाशी में फंसे ट्रैकर्स और पोर्टर्स के लिए राहत एवं बचाव अभियान: 40 सदस्यों का सफल रेस्क्यू
उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी और बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में ट्रैकिंग व पर्वतारोहण के लिए गए ट्रैकर्स और पोर्टर्स की सुरक्षित वापसी के लिए प्रशासन और सरकार पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
राहत एवं बचाव अभियान से जुड़ी मुख्य बातें:
सुरक्षित रेस्क्यू किए गए सदस्य: उच्च पर्वतीय साहसिक अभियान के तहत कालिंदी बेस क्षेत्र से 11 सदस्यों और ऑडिन कोल (Auden’s Col) क्षेत्र से 29 सदस्यों—यानी कुल 40 सदस्यों का सफलतापूर्वक हेली रेस्क्यू कर लिया गया है।
चिकित्सीय सहायता और व्यवस्थाएं: हर्षिल हेलिपैड पर लाए जाने के बाद सभी रेस्क्यू किए गए ट्रैकर्स का स्वास्थ्य परीक्षण और प्राथमिक उपचार किया गया। सभी की स्थिति सामान्य है और वे अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। हेलिपैड पर एम्बुलेंस, मेडिकल टीमें, गर्म कपड़े और भोजन-पानी की पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से ही आपदा प्रबंधन अधिकारियों से संपर्क कर ट्रैकर्स और पोर्टर्स की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि उत्तराखंड आने वाला प्रत्येक पर्यटक और तीर्थयात्री हमारा अतिथि है, इसलिए उनकी सुरक्षा, चिकित्सा और भोजन का पुख्ता इंतजाम किया जाए। इसके अलावा, बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और बंद रास्तों को युद्ध स्तर पर खोलने के भी निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय प्रशासन की सक्रियता: जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने खुद हर्षिल हेलिपैड और स्मार्ट कंट्रोल रूम पहुंचकर सेना, वायुसेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीमों के साथ चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। प्रतिकूल मौसम और दुर्गम पहाड़ियों के बीच यह अभियान लगातार जारी है।
