Sunday, September 27, 2026
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अभिनेता रणबीर कपूर: फिल्मी सफर, संघर्ष और आगामी मेगा प्रोजेक्ट ‘रामायण’

अभिनेता रणबीर कपूर: फिल्मी सफर, संघर्ष और आगामी मेगा प्रोजेक्ट ‘रामायण’

​बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता रणबीर कपूर (जन्म: 28 सितंबर 1982, मुंबई) कपूर खानदान की समृद्ध फिल्मी विरासत को आगे बढ़ाने वाले एक प्रमुख सितारे हैं। अभिनेता ऋषि कपूर और नीतू सिंह के बेटे तथा राज कपूर के पोते रणबीर ने अपने अभिनय के दम पर फिल्म इंडस्ट्री में एक खास मुकाम हासिल किया है।

​रणबीर कपूर के जीवन और करियर से जुड़े मुख्य बिंदु:

​पारिवारिक पृष्ठभूमि: रणबीर कपूर भारतीय सिनेमा के ऐतिहासिक ‘कपूर खानदान’ से ताल्लुक रखते हैं। वे पृथ्वीराज कपूर के पड़पोते और राज कपूर के पोते हैं। करीना कपूर और करिश्मा कपूर उनकी चचेरी बहनें हैं, और उनका विवाह अभिनेत्री आलिया भट्ट से हुआ है।

​शिक्षा और शुरुआती सफर: मुंबई में अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने न्यूयॉर्क जाकर फिल्म निर्माण और अभिनय की शिक्षा ली। पढ़ाई के दौरान उन्होंने कुछ लघु फिल्मों (जैसे ‘पैशन टु लव’) का निर्देशन और अभिनय भी किया।

​फिल्मी करियर की शुरुआत: भारत लौटने के बाद उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘ब्लैक’ (2005) में एक सहायक निर्देशक (असिस्टेंट डायरेक्टर) के रूप में काम किया। इसके बाद भंसाली ने उन्हें अपनी फिल्म ‘सांवरिया’ (2007) में अभिनय का मौका दिया। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन रणबीर के अभिनय को सराहा गया और उन्हें ‘बेस्ट मेल डेब्यू’ का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।

​सफलता के आयाम: वर्ष 2009 में आई फिल्में ‘वेक अप सिड’ और ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। इसके बाद ‘बर्फी’ (2012), ‘ये जवानी है दीवानी’ (2013), ‘संजू’ (2018) और ‘एनिमल’ (2023) जैसी फिल्मों ने उन्हें बॉक्स ऑफिस का सुपरस्टार बना दिया।

​आगामी प्रोजेक्ट ‘रामायण’: रणबीर कपूर जल्द ही बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ में नजर आएंगे। नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित और नमित मल्होत्रा द्वारा निर्मित यह फिल्म दो भागों में रिलीज होगी—’रामायण: पार्ट 1′ दिवाली 2026 और ‘रामायण: पार्ट 2’ दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में आएगी।

​एक इंटरव्यू में अपने शुरुआती संघर्ष को याद करते हुए रणबीर ने साझा किया कि परिवार की सफलताओं से ज्यादा उनकी नाकामियों और शुरुआती दौर के संघर्षों (जैसे संजय लीला भंसाली के ऑफिस के बाहर लंबा इंतजार करना) ने उन्हें जीवन में सबसे ज्यादा सीख दी और मजबूत बनाया।

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