हरिद्वार की राजनीति में बयानबाजी तेज: त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरीश रावत को बताया ‘गुगली मास्टर’, चुनाव लड़ने की इच्छा पर कसा तंज
हरिद्वार की राजनीति में बयानबाजी तेज: त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरीश रावत को बताया ‘गुगली मास्टर’, चुनाव लड़ने की इच्छा पर कसा तंज
हरिद्वार में सांसद खेल महोत्सव के दौरान भाजपा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के हरिद्वार से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर करने पर तंज कसा है। त्रिवेंद्र सिंह ने हरीश रावत को ‘गुगली मास्टर’ करार देते हुए कहा कि उनकी राजनीति की गुगली कब और कहां जाकर गिरेगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।
त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान की मुख्य बातें:
’गुगली मास्टर’ तंज: त्रिवेंद्र सिंह ने कहा, “अब उनकी गुगली कहां जाकर टकराएगी, कुछ नहीं कह सकते। उनकी गुगली किसका स्टंप लेगी या खुद ही कैच आउट हो जाएंगे, कुछ कहा नहीं जा सकता।” उन्होंने पुराने क्रिकेटर प्रसन्ना का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह उनकी गुगली का पता नहीं चलता था, कुछ वैसी ही स्थिति हरीश रावत की राजनीति की है।
स्वास्थ्य और सक्रियता पर शुभकामना: त्रिवेंद्र सिंह ने कहा कि चुनाव लड़ना उनकी पार्टी का आंतरिक मामला है, लेकिन वे हरीश रावत के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें हरिद्वार में सक्रिय रहना भी चाहिए।
हरीश रावत की सक्रियता और राजनीतिक पृष्ठभूमि:
बीमारी के बाद हाल ही में सक्रिय हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हरिद्वार से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। उन्होंने यहां तक कहा है कि वे चाहते हैं कि उनकी अंतिम यात्रा हरिद्वार के प्रतिनिधि के रूप में निकले।
साल 2009 में हरीश रावत हरिद्वार से सांसद चुने गए थे, हालांकि इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में उनकी पत्नी और 2024 के चुनावों में उनके बेटे वीरेंद्र रावत को यहां हार का सामना करना पड़ा था, जबकि 2022 में उनकी बेटी हरिद्वार ग्रामीण से विधायक बनी थीं।
हरीश रावत के इस ऐलान के बाद से उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है और भाजपा लगातार उन पर हमलावर नजर आ रही है।
