बच्चों के पासपोर्ट नियमों में बड़ा बदलाव: अब 5 साल या 18 वर्ष की आयु तक ही वैध होंगे दस्तावेज, बढ़े हुए शुल्क भी लागू
बच्चों के पासपोर्ट नियमों में बड़ा बदलाव: अब 5 साल या 18 वर्ष की आयु तक ही वैध होंगे दस्तावेज, बढ़े हुए शुल्क भी लागू
विदेश मंत्रालय (MEA) ने बच्चों के पासपोर्ट से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए नया नोटिफिकेशन जारी किया है। पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के तहत अब 15 साल से कम उम्र के बच्चों को मिलने वाले साधारण पासपोर्ट की वैधता को लेकर नए प्रावधान लागू कर दिए गए हैं।
नए नियमों के मुख्य बिंदु:
वैधता (Validity): संशोधित नियम 12(1ए) के मुताबिक, 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को जारी किया गया 36 पन्नों का साधारण पासपोर्ट अब जारी होने की तारीख से 5 साल या बच्चे के 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) वैध रहेगा।
राजपत्र में प्रकाशन: यह संशोधन भारत के राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
पासपोर्ट शुल्क में बढ़ोतरी और मिलने वाली छूट:
विदेश मंत्रालय ने गत 1 जुलाई से विभिन्न पासपोर्ट सेवाओं के शुल्कों में संशोधन किया है, जिसका विवरण इस प्रकार है:
वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को छूट: 8 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के नए पासपोर्ट आवेदनों पर 10% की छूट का प्रावधान जारी रहेगा (यह छूट पासपोर्ट पुनः जारी कराने पर लागू नहीं होगी)।
वयस्कों के लिए शुल्क: 36 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट के लिए शुल्क 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये और 60 पन्नों वाले पासपोर्ट के लिए 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दिया गया है।
तत्काल सेवा शुल्क: तत्काल योजना के तहत 36 पन्नों वाले वयस्क पासपोर्ट का शुल्क 3,500 रुपये से बढ़कर 5,000 रुपये और 60 पन्नों वाले का शुल्क 4,000 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये हो गया है। 60 पन्नों के रिप्लेसमेंट पासपोर्ट के लिए अब 8,500 रुपये चुकाने होंगे।
नाबालिगों के लिए शुल्क: 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए 36 पन्नों वाले नए या पुनः जारी (सामान्य) पासपोर्ट का शुल्क 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,750 रुपये और तत्काल श्रेणी में इसे 3,000 रुपये से बढ़ाकर 4,250 रुपये कर दिया गया है।
