नौकरी के बदले पैसे लेने के आरोपों पर छलके पूर्व सीएम हरीश रावत के आंसू, मां की सौगंध खाकर दी सफाई
नौकरी के बदले पैसे लेने के आरोपों पर छलके पूर्व सीएम हरीश रावत के आंसू, मां की सौगंध खाकर दी सफाई
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने ऊपर लगे नौकरी के बदले पैसे लेने के गंभीर आरोपों पर बेहद भावुक अंदाज में अपनी सफाई पेश की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर मां की तस्वीर थामे हुए एक वीडियो जारी कर उन्होंने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया और मां की सौगंध खाते हुए खुद को पूरी तरह बेगुनाह बताया है।
वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, “मां की सौगंध… सच के लिए आखिरी दम तक संघर्ष करूंगा। कलंक का जवाब, सच और संघर्ष से।”
वीडियो में क्या बोले हरीश रावत?
वीडियो संदेश में बेहद भावुक नजर आए हरीश रावत ने तीन माताओं—जगत जननी (धरती मां), देवी भवानी (मां दुर्गा) और अपनी जन्म देने वाली मां को याद करते हुए कहा, “मां, मैं आपकी सौगंध खाता हूं, आपके दूध की सौगंध खाता हूं। मैंने कभी किसी को नौकरी देने के बदले एक पैसा लेना तो छोड़िए, मैंने उससे कभी चाय और पानी तक नहीं पिया।” उन्होंने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में उन्हें बदनाम करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है और उन पर झूठे कलंक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
रावत ने स्पष्ट किया कि उन्होंने न केवल नौकरी, बल्कि किसी भी राजनीतिक पद या अन्य सिफारिशों के एवज में भी कभी किसी से पैसे का सौदा नहीं किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले 2017 और 2022 के चुनावों के दौरान भी उनके खिलाफ इसी तरह के बेबुनियाद आरोप गढ़े गए थे, जिनका कोई साक्ष्य नहीं था। उन्होंने मां जगदंबा से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे इस कलंक को धोए बिना हार नहीं मानेंगे और इसके खिलाफ अंतिम दम तक संघर्ष करेंगे।
सहयोगी चंदन की संपत्ति सीज होने पर जताई चिंता
वीडियो में पूर्व सीएम ने अपने करीबी सहयोगी चंदन की संपत्ति सीज किए जाने पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके सहयोगियों ने हमेशा उनकी मदद की है, लेकिन उनके साथ साए की तरह सेवा करने वाले चंदन की जिंदगी भर की कमाई को सीज कर दिया गया है। ऐसे में उसके बच्चों की आजीविका और पढ़ाई को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। रावत ने अंत में कहा कि स्वास्थ्य भले ही पूरी तरह आज्ञा न दे, लेकिन अपनी सफाई देने और सच्चाई जनता के सामने रखने के लिए उन्हें लोगों के बीच जाना ही होगा।
