मुंबई में गणेशोत्सव 2026: इन प्रसिद्ध पंडालों के दर्शन बिना अधूरी है यात्रा
मुंबई में गणेशोत्सव 2026: इन प्रसिद्ध पंडालों के दर्शन बिना अधूरी है यात्रा
गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर मायानगरी मुंबई का रंग-रूप पूरी तरह बदल जाता है। इस साल 14 सितंबर 2026 से शुरू होने वाले दस दिवसीय गणेशोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं, जिसका समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा। अगर आप भी इस दौरान बप्पा के दर्शन के लिए मुंबई जाने की सोच रहे हैं, तो शहर के इन प्रमुख और ऐतिहासिक पंडालों की सूची जरूर देख लें:
लालबागचा राजा: 1934 से चली आ रही परंपरा और श्रद्धालुओं की मन्नतों के लिए मशहूर, यह मुंबई का सबसे लोकप्रिय पंडाल है जहां दर्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं।
गणेश गली मुंबईचा राजा: लालबाग में ही स्थित यह पंडाल अपनी भव्य और हर साल बदलते नए विषयों की सजावट के लिए जाना जाता है।
खेतवाड़ीचा गणराज: अपनी आकर्षक प्रतिमा और आसपास के कई अन्य पंडालों की मौजूदगी के कारण यह इलाका भक्तों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहता है।
अंधेरीचा राजा: 1966 में स्थापित यह मंडल अपनी अलग सजावट और भव्य रूप के लिए दक्षिण मुंबई की तरह अंधेरी इलाके में विशेष पहचान रखता है।
जीएसबी सेवा मंडल (किंग्स सर्कल): इस साल अपना 72वां उत्सव मना रहा यह मंडल (14-18 सितंबर) सोने-चांदी के आभूषणों से सजी प्रतिमा और पारंपरिक अनुष्ठानों के लिए दुनिया भर में चर्चित है।
तुलसीवाड़ा का महाराज (तारदेव/चीरा बाजार): अपनी कलात्मक प्रतिमा और अनोखे धार्मिक माहौल के लिए यह छोटा लेकिन बेहद लोकप्रिय पंडाल है।
गिरगांवचा राजा: समुद्र किनारे गिरगांव चौपाटी के पास स्थित यह पंडाल पारंपरिक उत्सव और रोशनी से जगमगाने वाले माहौल का अनूठा अनुभव कराता है।
यात्री टिप: बड़े पंडालों में भारी भीड़ और लंबी कतारें होती हैं, इसलिए एक ही दिन में सारे पंडाल घूमने के बजाय इलाके के हिसाब से अपनी प्लानिंग करें। यात्रा से पहले पंडालों के समय और नियमों की ताजा जानकारी जरूर जांच लें।
