भाजपा सरकार में महिलाओं, दलितों व अल्पसंख्यकों पर बढ़ रहे अत्याचार: कांग्रेस का तीखा हमला; राहुल गांधी पीड़ितों के साथ खड़े
भाजपा सरकार में महिलाओं, दलितों व अल्पसंख्यकों पर बढ़ रहे अत्याचार: कांग्रेस का तीखा हमला; राहुल गांधी पीड़ितों के साथ खड़े
नई दिल्ली: अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्यों की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकारों पर तीखा जुबानी हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के संरक्षण में देश में महिलाओं, दलितों, छात्राओं और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं।
अलका लांबा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी न्याय की लड़ाई लड़ रही देश की सभी बेटियों और पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़े हैं तथा उन्हें हर संभव कानूनी व आर्थिक मदद मुहैया कराएंगे।
1. निशु आजाद मामला: आरोपी की 24 घंटे में गिरफ्तारी और हत्या के प्रयास का केस दर्ज करने की मांग
हमले का आरोप: लांबा ने कहा कि जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा घोटाले के खिलाफ चल रहे लोकतांत्रिक प्रदर्शन के दौरान भाजपा से जुड़े स्वतंत्र भारद्वाज ने दलित छात्रा निशु आजाद के पिता पर जानलेवा हमला किया।
सख्त धाराओं की मांग: उन्होंने दिल्ली पुलिस पर मामले में ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए मांग की कि आरोपी पर हत्या के प्रयास (Section 307) और SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कर 24 घंटे के भीतर उसकी गिरफ्तारी की जाए।
संरक्षण का आरोप: अलका लांबा ने कहा कि आरोपी खुलेआम साक्षात्कारों में अपने हिंसक कृत्यों को स्वीकार कर रहा है और उसने भाजपा नेताओं व मंत्रियों के संरक्षण का जिक्र किया है। निशु आजाद ने राहुल गांधी से मदद मांगी है और कांग्रेस उनकी पूरी लड़ाई लड़ेगी।
2. महिला पत्रकारों पर ‘पुलिसिया दमन’: दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन और FIR की मांग
अमित शाह से सवाल पूछने पर कार्रवाई: दिल्ली के साकेत में एक निजी अस्पताल के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने का प्रयास कर रही महिला पत्रकारों—शाहीन खान और नफीसा खान—को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर मारपीट करने का मामला उठाया।
गंभीर चोटें: लांबा ने बताया कि एम्स में इलाज न मिलने से 15 वर्षीय बच्ची की मौत और दिल्ली-एनसीआर में नाबालिग से गैंगरेप जैसे गंभीर मुद्दों पर सवाल पूछने वाली पत्रकारों को पुलिस ने प्रताड़ित किया।
मांग: दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित किया जाए, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो और घटना के सभी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सार्वजनिक किए जाएं।
3. नोएडा मजदूर आंदोलन: आकृति चौधरी पर अवैध NSA लगाने पर प्रशासन को घेरा
इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला: उत्तर प्रदेश के नोएडा में मजदूर आंदोलन को समर्थन देने वाली दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा व सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी पर अवैध रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने पर लांबा ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
मुआवजे का आदेश: उन्होंने बताया कि 5 महीने जेल में रहने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आकृति चौधरी पर लगे NSA को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि प्रशासन कोई सबूत पेश नहीं कर पाया और नोएडा डीएम मेधा रूपम के वेतन से आकृति को ₹5 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
4. 15 वर्षीय रुचिका सिंह की मानसिक प्रताड़ना का मुद्दा
जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़ी 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा रुचिका सिंह के नए वीडियो का हवाला देते हुए अलका लांबा ने कहा कि सत्ता पक्ष के ट्रोल्स और प्रभावशाली लोगों द्वारा एक छोटी बच्ची को मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल सरकार से सवाल पूछने वाली बेटियों को डराने और दबाने का काम कर रहा है।
