जंतर-मंतर मारपीट मामला: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) नेताओं का संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन; इंफ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग
जंतर-मंतर मारपीट मामला: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) नेताओं का संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन; इंफ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग
नई दिल्ली: NEET परीक्षा के विरोध प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर हुई मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के वरिष्ठ नेता सौरव दास और आशुतोष रांका के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग (पार्लियामेंट स्ट्रीट) थाने के बाहर जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। CJP नेताओं ने दिल्ली पुलिस पर आरोपी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है।
1. जंतर-मंतर पर क्या हुआ था? (मामले की पृष्ठभूमि)
23 जून की घटना: दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP द्वारा आयोजित NEET परीक्षा विरोध प्रदर्शन के दौरान दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद हिंसक झड़प हो गई थी।
संजय कुमार पर हमला: इस हाथापाई में CJP कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय कुमार के सिर में गंभीर चोटें आई थीं।
वीडियो और जिम्मेदारी: आरोप है कि सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज ने पीड़ित संजय कुमार की घायल अवस्था का वीडियो शेयर कर हमले की जिम्मेदारी ली थी। CJP का कहना है कि इसके बावजूद डेढ़ महीने से पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
2. दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और SC-ST एक्ट की धारा जुड़ी
SC-ST एक्ट शामिल: विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने संजय कुमार मारपीट मामले की FIR में SC-ST एक्ट की धाराएं जोड़ दी हैं।
पुनः मेडिकल जांच: पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि मामले में ‘हत्या के प्रयास’ (Attempt to Murder) की धारा जोड़ी जाए या नहीं।
प्रतिनिधिमंडल से वार्ता: पुलिस ने थाने के बाहर जमा भीड़ को शांत कराते हुए CJP के 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ औपचारिक बातचीत के लिए अंदर बुलाया।
3. स्वतंत्र भारद्वाज का पक्ष: ‘आत्मरक्षा में उठाया कदम’
दूसरी तरफ, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (मूल निवासी: दरभंगा, बिहार; इंस्टाग्राम पर 1.8 लाख फॉलोअर्स) का बयान भी सामने आया है:
आत्मरक्षा का दावा: स्वतंत्र भारद्वाज ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उन्होंने यह कदम पूरी तरह आत्मरक्षा (Self-Defence) में उठाया था।
मॉब लिंचिंग का डर: भारद्वाज का कहना है कि जंतर-मंतर पर 10 से 15 लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया था। यदि वे खुद को बचाने के लिए हाथ न चलाते, तो उनकी पीट-पीटकर हत्या की जा सकती थी। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में पुलिस को वीडियो सबूत सौंपने की बात कही है।
