त्रिपुरा विलेज कमेटी चुनाव: दिल्ली में अमित शाह संग अहम बैठक; BJP और टिपरा मोथा के बीच गठबंधन पर बनी सहमति
त्रिपुरा विलेज कमेटी चुनाव: दिल्ली में अमित शाह संग अहम बैठक; BJP और टिपरा मोथा के बीच गठबंधन पर बनी सहमति
नई दिल्ली: त्रिपुरा के जनजातीय इलाकों (TTAADC) में 28 सितंबर को होने वाले विलेज कमेटी (ग्राम समिति) चुनावों से ठीक पहले नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, भाजपा के पूर्वोत्तर समन्वयक संबित पात्रा और टिपरा मोथा पार्टी (TMP) के संस्थापक प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा मौजूद रहे।
10 साल के लंबे अंतराल के बाद हो रहे इन चुनावों में भाजपा और टिपरा मोथा के बीच गठबंधन को लेकर बनी अनिश्चितता इस बैठक के बाद सुलझती दिख रही है।
1. बैठक के मुख्य बिंदु और त्रिपक्षीय समझौते पर आश्वासन
रचनात्मक वार्ता: मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोशल मीडिया पर बैठक को अत्यंत ‘फायदेमंद और रचनात्मक’ बताया।
मूल अधिकारों पर ठोस भरोसा: सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह ने टिपरा मोथा के शीर्ष नेतृत्व को मार्च 2024 में हुए त्रिपक्षीय समझौते को जल्द लागू करने और संविधान की 6वीं अनुसूची के तहत मूल आदिवासियों को जमीन के अधिकार दिए जाने का स्पष्ट आश्वासन दिया है।
गठबंधन पर मुहर: लिखित आश्वासन और समझौते पर प्रगति के भरोसे के बाद अब भाजपा और टिपरा मोथा के बीच आगामी विलेज कमेटी चुनावों के लिए चुनावी तालमेल (गठबंधन) लगभग तय हो गया है।
2. टिपरा मोथा का रुख और पृष्ठभूमि
देबबर्मा की शर्त: इससे पहले टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत देबबर्मा ने स्पष्ट किया था कि जब तक 2 मार्च 2024 को केंद्र, राज्य सरकार और TMP के बीच हुए समझौते की शर्तों—विशेषकर जमीन के अधिकारों—को लागू नहीं किया जाता, तब तक वे कोई गठबंधन नहीं करेंगे।
सरकार में साझेदारी: मार्च 2024 में त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद 13 विधायकों वाली टिपरा मोथा पार्टी भाजपा नीत राज्य सरकार में शामिल हुई थी।
3. चुनाव का गणित और शेड्यूल
10 साल बाद चुनाव: TTAADC क्षेत्र की 587 विलेज कमेटियों की 4,597 सीटों के लिए मतदान 28 सितंबर को होगा।
मतगणना: मतगणना 5 अक्टूबर को की जाएगी। लगभग 9.61 लाख मतदाता इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेंगे।
भाजपा का संगठनात्मक मंथन: इससे पूर्व भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष और संबित पात्रा सहित 5 केंद्रीय नेताओं ने अगरतला में दो दिनों तक मैराथन बैठकें कर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया था।
