पंजाब SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट विवाद: सांसद राघव चड्ढा के बाद पटियाला सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी का नाम गायब होने पर मचा बवाल; चुनाव आयोग ने दी सफाई
पंजाब SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट विवाद: सांसद राघव चड्ढा के बाद पटियाला सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी का नाम गायब होने पर मचा बवाल; चुनाव आयोग ने दी सफाई
पटियाला/चंडीगढ़: पंजाब में निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा चलाए जा रहे ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बाद अब पटियाला से दो बार के सांसद और वर्तमान कांग्रेस नेता डॉ. धर्मवीर गांधी ने दावा किया है कि इस ड्राफ्ट सूची से उनका और उनके पूरे परिवार का नाम गायब था।
हालांकि, मामले के तूल पकड़ने पर चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों ने तकनीकी त्रुटि को सुधारते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है।
1. डॉ. धर्मवीर गांधी का दावा और दस्तावेज में अंतर
स्थायी पते पर सवाल: डॉ. धर्मवीर गांधी ने कहा कि वह साल 2000 से पटियाला में अपने स्थायी पते पर रह रहे हैं और इसी पते से उन्होंने तीन बार चुनाव लड़ा (दो बार जीत दर्ज की)। इसके बावजूद ड्राफ्ट रोल में उनका और उनके परिवार का नाम शामिल न होना बेहद गंभीर मामला है।
दस्तावेजों में अंतर का तर्क: SIR से जुड़े अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि वर्ष 2003 की पुरानी वोटर लिस्ट के आंकड़ों और उनके द्वारा प्रस्तुत नए दस्तावेजों (पासपोर्ट, 10वीं का प्रमाण पत्र आदि) में कुछ तकनीकी अंतर पाया गया था।
सबूत जमा कराए: डॉ. गांधी ने डिप्टी कमिश्नर (DC)-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) कार्यालय में अपनी पत्नी, बेटे, बेटी और बहू के आवश्यक पहचान पत्र व दस्तावेज जमा करवाकर आपत्ति दर्ज करवाई है।
2. निर्वाचन आयोग (ECI) की आधिकारिक सफाई
मामला बढ़ने पर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बयान जारी कर स्थिति साफ की:
नाम सूची में दर्ज: चुनाव आयोग ने डॉ. धर्मवीर गांधी के दावे का खंडन करते हुए कहा कि सांसद और उनके परिवार के चार सदस्यों (पत्नी, पुत्र, पुत्री और पुत्रवधू) का नाम पटियाला विधानसभा क्षेत्र (AC No 115) के भाग संख्या 98 में क्रम संख्या 44 से 48 तक ड्राफ्ट सूची में पूरी तरह दर्ज है।
तकनीकी खामी दूर की गई: अधिकारियों ने माना कि शुरुआत में मैपिंग और डेटा संबंधी तकनीकी समस्या के कारण नाम प्रदर्शित नहीं हो रहा था, जिसे तुरंत दुरुस्त कर लिया गया।
3. राघव चड्ढा और SIR प्रक्रिया पर राजनीतिक घमासान
राघव चड्ढा का ‘पॉलिटिकल वेंडेटा’ का आरोप: इससे पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भी पंजाब SIR ड्राफ्ट से अपना नाम हटाकर ‘Permanently Shifted’ (स्थायी रूप से स्थानांतरित) दिखाए जाने पर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना का आरोप लगाया था।
AAP की प्रतिक्रिया: आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि SIR की पूरी प्रक्रिया स्वतंत्र रूप से भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा संचालित की जा रही है, जिसमें राज्य सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होता।
दावे व आपत्तियों का समय: चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में नाम छूटने या गलत दर्ज होने पर मतदाता 12 सितंबर 2026 तक अपनी दावे व आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं, ताकि अक्टूबर में अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) का प्रकाशन त्रुटिरहित हो सके।
