ईरान-अमेरिका संघर्ष में बढ़ा तनाव, 18 लोगों की मौत का दावा; ट्रंप बोले- जरूरत पड़ी तो फिर करेंगे हमला
ईरान-अमेरिका संघर्ष में बढ़ा तनाव, 18 लोगों की मौत का दावा; ट्रंप बोले- जरूरत पड़ी तो फिर करेंगे हमला
तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर स्वास्थ्य मंत्री मोहम्मद रेजा जफरगांदी के बयान के हवाले से बताया गया है कि हालिया अमेरिकी हमलों में 18 लोगों की मौत हुई है, जबकि 108 लोग घायल हुए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि वह अपनी स्वतंत्रता, राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है।
ईरान ने अमेरिका पर नागरिक इलाकों को निशाना बनाने का लगाया आरोप
ईरानी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने मंगलवार रात एक बार फिर ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन किया। मंत्रालय ने दावा किया कि कई नागरिक इलाकों और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े ढांचों को निशाना बनाया गया, जिसमें लोगों की मौत और चोटें आईं तथा सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा।
हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसकी सेनाओं ने ईरानी सैन्य ठिकानों के खिलाफ हमलों की एक श्रृंखला पूरी की। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कथित गतिविधियों के जवाब में की गई।
ईरान का अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले का दावा
ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन, कुवैत, बहरीन, इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र और संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिकी ठिकानों तथा सैन्य संसाधनों को निशाना बनाया।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि कुवैत स्थित अली अल-सलेम अमेरिकी बेस में अमेरिकी कमांडर के आवास और कमांड पोस्ट को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया के अनुसार, IRGC ने इसे अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा बताया है।
ईरान ने जॉर्डन में अकाबा की खाड़ी के पास स्थित कैंप टिटियन पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का भी दावा किया। IRGC के मुताबिक, यह कार्रवाई दक्षिणी ईरान में एक शादी समारोह पर हुए कथित अमेरिकी हमले के जवाब में की गई। ईरानी पक्ष ने इस हमले में सैन्य सुविधाओं और हेलीकॉप्टरों को नुकसान पहुंचने का दावा किया है।
इसके अलावा, ईरान ने इराक के एरबिल में एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर निगरानी प्रणाली और अन्य सैन्य सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शादी समारोह पर हमले की खबर से बढ़ी चिंता
ईरानी अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि मंगलवार रात दक्षिणी ईरान में चल रहे एक शादी समारोह को भी अमेरिकी हमले में निशाना बनाया गया। ईरान के मुताबिक, इस घटना में कम से कम चार लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि वह इन रिपोर्टों की जांच कर रहा है और अमेरिकी सेना जानबूझकर नागरिकों को निशाना नहीं बनाती।
ट्रंप बोले- अमेरिका फिर हमला करने के लिए तैयार
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना जरूरत पड़ने पर ईरान पर दोबारा हमला करने के लिए तैयार है। ट्रंप ने दावा किया कि मंगलवार रात किए गए हमले में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरान की ओर से हाल में लगाए या दोबारा तैयार किए गए सैन्य उपकरणों को नष्ट कर दिया गया।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर ईरान के खिलाफ फिर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
‘ट्रंप स्ट्रेट’ वाले बयान पर दी सफाई
होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर अपने नाम पर रखने की अटकलों को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि यह केवल एक सुझाव था।
इससे पहले उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर मजाकिया अंदाज में सवाल किया था कि अगर जलडमरूमध्य अमेरिका के नियंत्रण में है तो क्या इसका नाम ‘ट्रंप स्ट्रेट’ कर देना चाहिए। इससे पहले एक रैली में भी ट्रंप ने ईरान को हराने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने की संभावना का उल्लेख किया था।
गुटेरेस ने जताई गहरी चिंता, तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हो रहे हमलों और जवाबी हमलों पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गंभीर चिंता जताई है।
उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि महासचिव रातभर हुए नए हमलों से बेहद चिंतित हैं। उन्होंने खास तौर पर उन रिपोर्टों पर चिंता जताई जिनमें नागरिकों के हताहत होने और शादी समारोह को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है।
संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने, नागरिकों और सैन्य लक्ष्यों के बीच अंतर बनाए रखने तथा आम लोगों की सुरक्षा के लिए अधिकतम सावधानी बरतने की अपील की है।
गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान से तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने, संयम बरतने और ऐसे कदमों से बचने का आग्रह किया है, जिनसे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।
अमेरिकी सैनिकों की मौत पर ट्रंप ने दी सफाई
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के उस बयान को स्पष्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान में कोई अमेरिकी नहीं मारा गया है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि लुटनिक के बयान में संदर्भ को लेकर गलती हुई थी और उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान में हालिया घटनाओं में 18 लोगों की मौत हुई है। लुटनिक ने भी बाद में सोशल मीडिया पर कहा कि एक बैठक के दौरान उनके बयान में गलती हुई थी और उस समय उनके दिमाग में वेनेजुएला से जुड़ा मामला चल रहा था।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी हालिया अमेरिकी हमलों में 18 ईरानी नागरिकों की मौत और 108 लोगों के घायल होने का दावा किया है। ईरानी रेड क्रिसेंट ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास शादी समारोह से जुड़ी घटना में चार लोगों की मौत और 67 लोगों के घायल होने की जानकारी दी है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य कार्रवाइयों के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान की ओर से अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के दावे तथा अमेरिका की ओर से जवाबी सैन्य कार्रवाई ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
