जन्माष्टमी पर देखें कृष्ण की लीलाएं, जन्म से लेकर कंस वध तक की कहानी दिखाती हैं ये फिल्में
जन्माष्टमी पर देखें कृष्ण की लीलाएं, जन्म से लेकर कंस वध तक की कहानी दिखाती हैं ये फिल्में
नई दिल्ली। जन्माष्टमी आते ही देशभर में भगवान कृष्ण की भक्ति का रंग नजर आने लगता है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है, घरों में झांकियां सजाई जाती हैं और भक्त आधी रात को भगवान कृष्ण के जन्म का इंतजार करते हैं। इस खास मौके पर अगर आप कृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं को पर्दे पर देखना चाहते हैं, तो हिंदी सिनेमा और एनिमेशन में ऐसी कई फिल्में हैं, जो कृष्ण के जन्म, बाल लीलाओं, वृंदावन के जीवन और कंस वध की कहानी दिखाती हैं।
‘श्री कृष्ण जन्म’ — 1918
भगवान कृष्ण पर बनी शुरुआती फिल्मों में दादा साहेब फाल्के की ‘श्री कृष्ण जन्म’ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। 1918 में रिलीज हुई यह साइलेंट फिल्म कृष्ण के जन्म की कहानी पर आधारित थी।
फिल्म का निर्देशन और लेखन दादा साहेब फाल्के ने किया था। इसमें उनकी बेटी मंदाकिनी फाल्के ने कृष्ण की भूमिका निभाई थी। फिल्म में डी.डी. दाबके और पुरुषोत्तम वैद्य भी नजर आए। करीब 12 मिनट की इस फिल्म में संवादों के बजाय साइलेंट सिनेमा की शैली में कहानी को आगे बढ़ाया गया था।
‘कृष्णा द बर्थ’ — 2006
अगर बच्चों के साथ जन्माष्टमी पर कृष्ण की कहानी देखना चाहते हैं, तो ‘कृष्णा द बर्थ’ एक विकल्प हो सकती है। 2006 में आई इस एनिमेशन फिल्म का निर्देशन राजीव चिलाका ने किया था।
फिल्म की कहानी देवकी और वासुदेव के पुत्र कृष्ण के जन्म से शुरू होती है। कंस को भविष्यवाणी होती है कि देवकी का आठवां पुत्र उसकी मृत्यु का कारण बनेगा। इसके बाद वह देवकी और वासुदेव को बंदी बना लेता है। कृष्ण के जन्म के बाद वासुदेव उन्हें गोकुल पहुंचाते हैं, जहां उनका पालन-पोषण होता है।
फिल्म में कृष्ण के बचपन और उनके सामने आने वाली कई चुनौतियों को एनिमेशन के जरिए सरल और पारिवारिक अंदाज में दिखाया गया है।
‘कृष्ण इन वृंदावन’ — 2007
बाल कृष्ण की शरारतों और वृंदावन के किस्सों को देखने के लिए ‘कृष्ण इन वृंदावन’ भी एक विकल्प है। 2007 में रिलीज हुई इस एनिमेशन फिल्म का निर्देशन भी राजीव चिलाका ने किया था।
फिल्म में कृष्ण और उनके मित्रों के साथ वृंदावन में बिताए समय को दिखाया गया है। कहानी में कृष्ण और बलराम कई खतरनाक राक्षसों का सामना करते हैं। फिल्म में बाल कृष्ण की चंचलता के साथ उनके साहस और पराक्रम को भी दिखाया गया है।
‘श्री कृष्ण लीला’ — 1971
1971 में आई ‘श्री कृष्ण लीला’ कृष्ण के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को पर्दे पर पेश करती है। फिल्म का निर्देशन होमी वाडिया ने किया था।
कहानी कृष्ण के जन्म से शुरू होकर उनके गोकुल में पालन-पोषण और फिर मथुरा पहुंचने तक जाती है। फिल्म में कंस के उस भय को भी दिखाया गया है, जिसके कारण वह देवकी और वासुदेव को कैद कर देता है। आगे चलकर कृष्ण अपने मामा कंस का सामना करते हैं।
फिल्म में सचिन, हीना, जयश्री गाडकर, सप्प्रू, मनहर देसाई और तबस्सुम जैसे कलाकारों ने अभिनय किया था।
‘कृष्णा कंस वध’ — 2007
कृष्ण और कंस के अंतिम संघर्ष की कहानी देखने के लिए ‘कृष्णा कंस वध’ एक एनिमेशन फिल्म है। 2007 में रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन राजीव चिलाका ने किया था।
कहानी में कृष्ण और बलराम को कंस मथुरा बुलाता है। मथुरा पहुंचने के बाद दोनों भाइयों का सामना कंस के शक्तिशाली पहलवानों से होता है और कहानी आगे कंस के साथ निर्णायक मुकाबले तक पहुंचती है। करीब 69 मिनट की यह फिल्म कृष्ण के जीवन के उस महत्वपूर्ण दौर को केंद्र में रखती है, जब उनका सामना कंस से होता है।
जन्माष्टमी पर कृष्णमय हो जाएं
कृष्ण के जन्म से लेकर उनकी बाल लीलाओं, वृंदावन के जीवन और कंस वध तक की अलग-अलग घटनाओं को इन फिल्मों के जरिए पर्दे पर देखा जा सकता है। खासतौर पर एनिमेशन फिल्मों को परिवार और बच्चों के साथ जन्माष्टमी के मौके पर देखने का अनुभव अलग हो सकता है।
