महाराष्ट्र: मीरा-भाईंदर और ओवला-माजिवड़ा विधानसभा क्षेत्रों में SIR आंकड़ों पर घमासान; परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने अपनी ही सहयोगी BJP पर लगाए आरोप
महाराष्ट्र: मीरा-भाईंदर और ओवला-माजिवड़ा विधानसभा क्षेत्रों में SIR आंकड़ों पर घमासान; परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने अपनी ही सहयोगी BJP पर लगाए आरोप
मीरा-भाईंदर (महाराष्ट्र): भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देश पर चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रारूप मतदाता सूची (31 अगस्त को प्रकाशित) के आंकड़ों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। 145 मीरा-भाईंदर और 146 ओवला-माजिवड़ा विधानसभा क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन लंबित पाए जाने के बाद महायुति सरकार के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्थानीय स्तर पर फर्जी मतदाताओं का फायदा सत्तारूढ़ भाजपा (BJP) द्वारा उठाए जाने का बड़ा आरोप लगाया है।
1. 145 और 146 विधानसभा क्षेत्रों की आंकड़ेवारी
SIR अभियान के आंकड़ों के अनुसार दोनों विधानसभा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट (फर्जी) मतदाता रिकॉर्ड दर्ज पाए गए हैं:
145-मीरा-भाईंदर विधानसभा:
कुल मतदाता: 5,14,950
सत्यापित रिकॉर्ड उपलब्ध: 3,01,905
सत्यापन की आवश्यकता (असमंजस वाले रिकॉर्ड): 2,13,045 (~56%)
146-ओवला-माजिवड़ा विधानसभा:
कुल मतदाता: 2,92,537
सत्यापित रिकॉर्ड उपलब्ध: 1,48,418
सत्यापन की आवश्यकता (असमंजस वाले रिकॉर्ड): 1,42,661 (~51%)
2. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के मुख्य आरोप
नगर निगम चुनाव में फायदा: सरनाईक ने दावा किया कि नगर निगम चुनाव के दौरान फर्जी मतदाताओं के संबंध में उन्होंने नगर निगम आयुक्त को पहले ही सचेत किया था, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसी का फायदा उठाकर स्थानीय स्तर पर सत्तारूढ़ पार्टी (भाजपा) ने जीत हासिल की।
जनसमर्थन बनाम मतदाता सूची प्रबंधन: उन्होंने कहा कि जनसंपर्क उनकी पार्टी (शिवसेना) के पक्ष में होने के बावजूद भाजपा ने “मतदाता सूची के स्तर पर बेहतर काम/प्रबंधन” किया, जिसके कारण चुनाव परिणाम उनके पक्ष में चला गया।
संगठन को सलाह: सरनाईक ने स्वीकार किया कि उनके कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची प्रबंधन के स्तर पर चूक हुई और अब वे पिछली बातों को पीछे छोड़कर आगामी चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं।
3. महायुति गठबंधन में सियासी हलचल
सहयोगी दलों में तल्खी: महायुति सरकार (भाजपा और शिवसेना शिंदे गुट) का हिस्सा होने के बावजूद अपनी ही सहयोगी पार्टी भाजपा पर सरनाईक के इन आरोपों से स्थानीय और राज्य स्तर पर सियासी घमासान तेज हो गया है।
शिंदे की नाराजगी के कयास: इन राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच शिवसेना प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की नाराजगी की खबरें भी सामने आ रही हैं, क्योंकि वे हालिया कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं हुए थे।
प्रशासन और चुनाव आयोग की ओर से इन फर्जी व असत्यापित प्रविष्टियों को हटाने और मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया जारी है।
