केंद्र सरकार ने मणिपुर में टाली जनगणना: 14 नागरिक संगठनों की मांग के बाद लिया फैसला, पहले NRC लागू करने पर अड़े मैतेई व नगा समूह
केंद्र सरकार ने मणिपुर में टाली जनगणना: 14 नागरिक संगठनों की मांग के बाद लिया फैसला, पहले NRC लागू करने पर अड़े मैतेई व नगा समूह
इम्फाल/नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने मणिपुर में 1 सितंबर 2026 से शुरू होने वाले जनगणना के प्रथम चरण (हाउस-लिस्टिंग) को फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया है। यह फैसला गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद लिया गया, जिसमें मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, मुख्यमंत्री युम्नाम खेमचंद सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन मौजूद थे।
एनआरसी (NRC) और जनगणना को लेकर विवाद
मणिपुर के 14 सिविल सोसाइटी संगठनों (जिनमें प्रमुख मैतेई और नगा समूह शामिल हैं) की मांग है कि राज्य में जनगणना कराने से पहले नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) लागू किया जाए:
अवैध घुसपैठ की आशंका: मैतेई और नगा संगठनों का आरोप है कि पड़ोसी देश म्यांमार से बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी आकर राज्य में बसे हैं।
जनसांख्यिकीय संतुलन पर चिंता: संगठनों का तर्क है कि यदि एनआरसी के बिना जनगणना की गई तो इन अवैध प्रवासियों को वैध आबादी के रूप में दर्ज कर लिया जाएगा, जिससे राज्य का जनसांख्यिकीय (Demographic) संतुलन बिगड़ जाएगा।
मणिपुर हाई कोर्ट में केंद्र और राज्य का बयान
जनगणना रोकने का मामला मणिपुर उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच के समक्ष भी उठा। ‘कांगलेइपाक छात्र संघ’ और सामाजिक कार्यकर्ता शांता नहाकपम द्वारा दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान केंद्र और राज्य सरकार के वकीलों ने अदालत को औपचारिक रूप से सूचित किया कि मणिपुर में जनगणना अभियान को फिलहाल रोक दिया गया है।
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने जताया आभार
फैसले के बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री युम्नाम खेमचंद सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मणिपुर की जनता और 14 सिविल सोसाइटी संगठनों की भावना को समझा है।
फिलहाल केंद्र सरकार ने मणिपुर में जनगणना के लिए किसी नई तारीख की घोषणा नहीं की है। प्रवासन और जातीय संवेदनशीलता को देखते हुए अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या केंद्र सरकार राज्य में पहले एनआरसी लागू करने की दिशा में कदम उठाएगी।
