अमेरिका-ईरान सैन्य संघर्ष में बढ़ा तनाव: CENTCOM और IRGC के बीच जवाबी मिसाइल हमले, ट्रंप की ‘पूर्ण विनाश’ की चेतावनी
अमेरिका-ईरान सैन्य संघर्ष में बढ़ा तनाव: CENTCOM और IRGC के बीच जवाबी मिसाइल हमले, ट्रंप की ‘पूर्ण विनाश’ की चेतावनी
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य और आर्थिक टकराव अपने सबसे खतरनाक दौर में पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) और ईरान के तटीय इलाकों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर ‘बड़े और शक्तिशाली’ हवाई हमले किए जाने के बाद, IRGC ने भी मध्य पूर्व स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से जवाबी कार्रवाई का दावा किया है।
1. अमेरिकी कार्रवाई और राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी
हवाई हमले और रडार नेटवर्क ध्वस्त: CENTCOM ने IRGC से जुड़े सैन्य ठिकानों और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरान के रडार प्रणालियों को निशाना बनाकर भारी बमबारी की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘फॉक्स न्यूज’ और ‘ट्रुथ सोशल’ पर पुष्टि की कि अमेरिका ने ईरान के पुनर्गठित रडार सिस्टम को नष्ट कर दिया है।
’पूरी तरह सफाए’ की चेतावनी: ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसने अमेरिकी हमलों का जवाब दिया, तो उस पर इससे भी भीषण कार्रवाई की जाएगी। ट्रंप ने कहा, “अगर हमें तीसरी बार हमला करना पड़ा, तो एक देश के रूप में ईरान का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा (सफाया हो सकता है)।” उन्होंने विमानवाहक पोत USS जॉर्ज वॉशिंगटन की पूर्ण तैनाती का भी उल्लेख किया।
होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण: ट्रंप ने ‘एबीसी न्यूज’ की उन रिपोर्टों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि वह तेहरान को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का लगभग पूरा नियंत्रण है और वह ईरान की गिरती स्थिति से पूरी तरह संतुष्ट हैं।
2. सिरिक में शादी समारोह पर हमला और IRGC का जवाबी हमला
50 से अधिक नागरिक हताहत: ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई और फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, दक्षिणी ईरान के होर्मोजगान प्रांत स्थित सिरिक (कुहेस्तक) में एक घर पर हुए अमेरिकी हमले में शादी का जश्न मना रहे 50 से अधिक निर्दोष लोग मारे गए या घायल हो गए। मृतकों में एक 4 साल का बच्चा और महिला भी शामिल हैं।
IRGC का पलटवार (अमेरिकी ठिकानों पर निशाना):
कुवैत: IRGC ने कुवैत स्थित ‘अली अल-सलेम’ एयर बेस पर अमेरिकी कमांडर के आवासीय क्षेत्र और कमांड पोस्ट को निशाना बनाने का दावा किया।
जॉर्डन: अकाबा की खाड़ी के पास स्थित अमेरिकी मरीन बेस ‘कैंप टिटियन’ पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। (जॉर्डन की सेना के अनुसार उसने 13 में से 10 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया)।
इराक: एरबिल में अमेरिकी सर्विलांस बैलून कंट्रोल सिस्टम, मेंटेनेंस सेंटर और तकनीकी उपकरणों के गोदामों को तबाह करने का दावा किया।
MQ-9 रीपर ड्रोन: IRGC की वायु रक्षा प्रणाली ने एक अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का भी दावा किया है।
3. अमेरिका की आर्थिक घेराबंदी: ‘डेथ स्पायरल’ में फंसा ईरान
एशविल में G20 वित्त मंत्रियों की बैठक के बाद अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान की आर्थिक स्थिति पर विस्तृत बयान दिया:
’मौत का भंवर’ (Death Spiral): बेसेंट ने कहा कि कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के कारण ईरानी अर्थव्यवस्था ढहने के कगार पर है। ईरानी रियाल में भारी गिरावट आई है—16 महीने पहले जहां 1 डॉलर की कीमत 8 लाख रियाल थी, वह अब गिरकर 2.10 लाख प्रति डॉलर के स्तर पर आ गई है (विदेशी मुद्रा संकट)।
चाइनीज RMB और बैंकिंग नेटवर्क पर नकेल: अमेरिका उन वित्तीय रास्तों को बंद कर रहा है जिसके जरिए ईरान चीन से मिली रेन्मिनबी (RMB) मुद्रा को दुबई और खाड़ी के बैंकों के जरिए अमेरिकी डॉलर में बदलता था। पिछले शुक्रवार दुबई के एक बैंक पर भी कार्रवाई की गई है।
होर्मुज स्ट्रेट से तेल आपूर्ति जारी: बेसेंट ने ईरान के होर्मुज स्ट्रेट बंद करने के दावे को खारिज करते हुए बताया कि पिछले 24 घंटों में 1.7 करोड़ (17 Million) बैरल कच्चा तेल इस जलमार्ग से सुरक्षित गुजरा है।
