फैशन के चक्कर में पैरों की सेहत न करें नजरअंदाज: गलत फुटवियर बन सकता है गंभीर बीमारियों की वजह
फैशन के चक्कर में पैरों की सेहत न करें नजरअंदाज: गलत फुटवियर बन सकता है गंभीर बीमारियों की वजह
नई दिल्ली: हम अपनी फिटनेस, पहनावे और हेयरस्टाइल पर तो काफी ध्यान देते हैं, लेकिन अमूमन इस बात को नजरअंदाज कर देते हैं कि हमारे पैरों में क्या है। जूते या चप्पल खरीदते समय अक्सर लोग सिर्फ रंग, डिजाइन और कीमत पर ध्यान देते हैं। हालांकि, वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार फुटवियर सिर्फ फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध हमारे शरीर के संतुलन, पैरों की चाल और हड्डियों के स्वास्थ्य से है।
गलत साइज और संकीर्ण डिजाइन से होने वाले नुकसान
अगर जूता बहुत छोटा या टाइट है, तो पैर की उंगलियों को पर्याप्त जगह नहीं मिलती। उंगलियों पर लगातार पड़ने वाला दबाव छाले, कॉर्न (गट्टे) और त्वचा में अकड़न जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
अक्सर लोग जूते की लंबाई तो देख लेते हैं, लेकिन चौड़ाई पर ध्यान नहीं देते। आगे से बहुत संकरा जूता उंगलियों को आपस में दबा देता है, जिससे चलने में दिक्कत और पैरों में स्थाई दर्द हो सकता है। विशेषज्ञ ऐसा जूता चुनने की सलाह देते हैं जिसमें उंगलियों को थोड़ा फैलने की जगह मिले।
हाई हील्स का मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम पर असर
शोध के अनुसार, रोजाना और लंबे समय तक हाई हील्स पहनने से पैरों की प्राकृतिक बनावट बिगड़ सकती है। एक मेटा-एनालिसिस में पाया गया है कि ऊंची हील्स पहनने से चलते समय घुटनों और जोड़ों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे मस्कुलोस्केलेटल दर्द और चोट का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, कभी-कभार हील्स पहनना नुकसानदायक नहीं है, लेकिन इसे रोजाना का रूटीन बनाना सेहत के लिए हानिकारक है।
सही फुटवियर का चुनाव कैसे करें?
हमारे पैर पूरे शरीर का वजन संभालते हैं। गलत फुटवियर के कारण हमारी चाल (गैत) बदल जाती है, जिससे पैरों के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी पर भी बुरा असर पड़ता है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, सही जूता वही है जिसमें:
उंगलियों पर कोई अतिरिक्त दबाव न पड़े।
चलते समय एड़ी बार-बार जूते से बाहर न निकले।
पैर पूरी तरह से आरामदायक स्थिति में रहे।
यदि नया फुटवियर पहनने के कुछ ही समय बाद दर्द, जलन या दबाव महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें और सही फिटिंग का ही चयन करें।
