उत्तराखंड: नैनीताल और चमोली में मूसलाधार बारिश का कहर; 25 सड़कें बाधित, बैलगढ़ नाले में बहने से बचा बाइक सवार
उत्तराखंड: नैनीताल और चमोली में मूसलाधार बारिश का कहर; 25 सड़कें बाधित, बैलगढ़ नाले में बहने से बचा बाइक सवार
नैनीताल/चमोली: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नैनीताल और चमोली जिलों से भारी बारिश और भूस्खलन की खबरें सामने आई हैं, जिससे कई मुख्य मार्ग बंद हो गए हैं और जन-सामान्य को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नैनीताल में प्योरा में सबसे ज्यादा 154 मिमी बारिश
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार, 31 अगस्त की सुबह तक पिछले 24 घंटों में नैनीताल जिले के प्योरा क्षेत्र में सर्वाधिक 154 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कालाढूंगी में 102 मिमी, खनस्यू में 62 मिमी, मुक्तेश्वर में 55.1 मिमी और हल्द्वानी में 50 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
बारिश के कारण जिले के 5 राज्य मार्ग और 20 ग्रामीण सड़कों सहित कुल 25 मार्ग पूरी तरह बाधित हैं। प्रमुख प्रभावित मार्गों में शामिल हैं:
रामनगर-भंडारपानी और गार्जिया-बेतालघाट-खैरना मार्ग
धानाचूली-खनस्यू-ओखलकांडा और रानीबाग-पदमपुरी मार्ग
हल्द्वानी-चोरगलिया मार्ग
प्रशासन के अनुसार, संबंधित विभागों की जेसीबी मशीनें मार्ग खोलने के काम में जुटी हुई हैं।
बैलगढ़ नाले में उफान, टला बड़ा हादसा
रामनगर-हल्द्वानी राज्य मार्ग पर स्थित बैलगढ़ का बरसाती नाला देर शाम हुई तेज बारिश के बाद अचानक उफान पर आ गया। इस दौरान एक बाइक सवार उफनते नाले को पार करने के चक्कर में तेज बहाव में बहने लगा। हालांकि, मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
चमोली के थराली-देवाल मार्ग पर पहाड़ी टूटी
उधर चमोली जिले में थराली-देवाल मोटर मार्ग पर नंदकेसरी और कोठी के बीच अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। गनीमत रही कि भूस्खलन के वक्त वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था।
उल्लेखनीय है कि इसी स्थान पर पूर्व में हुए भूस्खलन में एक युवक की जान जा चुकी है। पहाड़ी से लगातार गिर रहे मलबे और पत्थरों के कारण लोक निर्माण विभाग (PWD) को रास्ता साफ करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों में इस संवेदनशील क्षेत्र को लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है।
