सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: NEET प्रदर्शन में दर्ज सभी FIR निरस्त, पीड़ित परिवारों के मुआवजे के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: NEET प्रदर्शन में दर्ज सभी FIR निरस्त, पीड़ित परिवारों के मुआवजे के निर्देश
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक बड़ा और राहत देने वाला फैसला सुनाते हुए NEET परीक्षा से जुड़े छात्र प्रदर्शनों के दौरान दर्ज की गई सभी प्राथमिकियों (FIR) को रद्द कर दिया है। संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का प्रयोग करते हुए शीर्ष अदालत ने यह आदेश जारी किया, जिससे देशभर के हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिली है।
20-25 जुलाई के बीच दर्ज सभी मुकदमे रद्द
अदालत ने स्पष्ट किया कि 20 से 25 जुलाई के बीच छात्र प्रदर्शनों को लेकर देश के किसी भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में दर्ज की गई FIR को निरस्त माना जाएगा और उन पर आगे कोई जांच या कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
नई FIR पर रोक: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के उस आश्वासन को ऑन-रिकॉर्ड लिया, जिसमें कहा गया है कि इन प्रदर्शनों से जुड़ा कोई नया केस दर्ज नहीं किया जाएगा।
2,873 असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की इजाजत: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि छात्रों को राहत दी जा रही है, लेकिन उपद्रव में शामिल 2,873 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले असामाजिक तत्वों (Criminal Antecedents) के खिलाफ दिल्ली पुलिस को नियमानुसार नई FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की अनुमति होगी।
सुसाइड करने वाले छात्रों के परिवारों को 3 महीने में मुआवजा
शीर्ष अदालत ने NEET-2026 में हुई गड़बड़ियों से आहत होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को लेकर भी संवेदनशीलता दिखाई। कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वे 3 महीने के भीतर एक पारदर्शी प्रक्रिया और नीति तय कर पीड़ित परिवारों को मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करें।
अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि अनुच्छेद 142 के तहत इस विशेष अधिकार का इस्तेमाल इस शर्त पर किया जा रहा है कि दोनों पक्ष (प्रशासन और छात्र) अपनी-अपनी प्रतिबद्धताओं का कड़ाई से पालन करेंगे।
