सीबीजी की कीमत बढ़ने से CNG-PNG उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा बड़ा बोझ: पेट्रोलियम मंत्रालय
सीबीजी की कीमत बढ़ने से CNG-PNG उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा बड़ा बोझ: पेट्रोलियम मंत्रालय
नई दिल्ली। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गोबरधन योजना के तहत संपीड़ित जैव गैस (सीबीजी) की संशोधित खरीद कीमत को लेकर जताई जा रही उन आशंकाओं को खारिज किया है, जिनमें सीएनजी और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) उपभोक्ताओं पर बड़े अतिरिक्त वित्तीय बोझ की बात कही जा रही थी। मंत्रालय ने कहा कि ऐसे आकलन असंगत मान्यताओं पर आधारित हैं और वास्तविक प्रभाव काफी सीमित रहेगा।
सीबीजी की खरीद कीमत 2,110 रुपये प्रति एमएमबीटीयू
मंत्रालय के मुताबिक मौजूदा मूल्य निर्धारण व्यवस्था में सीबीजी उत्पादकों को भुगतान सीएनजी के खुदरा बिक्री मूल्य के 85 प्रतिशत से जुड़ा है। इसके आधार पर वर्तमान कीमत करीब 1,478 रुपये प्रति एमएमबीटीयू बैठती है।
वहीं, संशोधित गोबरधन व्यवस्था के तहत सीबीजी की खरीद कीमत 2,110 रुपये प्रति एमएमबीटीयू तय की गई है। यह मौजूदा कीमत से करीब 43 प्रतिशत अधिक है। हालांकि मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह केवल उत्पादकों को दी जाने वाली खरीद कीमत है और इसकी पूरी राशि सीधे सीएनजी या घरेलू पीएनजी उपभोक्ताओं से नहीं वसूली जाएगी।
सरकार देगी 10 रुपये प्रति किलो की सहायता
सीबीजी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 10 रुपये प्रति किलोग्राम की वहनीयता सहायता देने की घोषणा की है। करीब 95 प्रतिशत मीथेन वाले सीबीजी के लिए यह सहायता लगभग 215 रुपये प्रति एमएमबीटीयू के बराबर होगी। इस राशि का भार सरकार स्वयं उठाएगी।
मंत्रालय के अनुसार, सरकारी सहायता को समायोजित करने के बाद उपभोक्ताओं के माध्यम से वसूली जाने वाली प्रभावी सीबीजी लागत करीब 1,895 रुपये प्रति एमएमबीटीयू होगी। यह मौजूदा 1,478 रुपये की तुलना में करीब 28 प्रतिशत अधिक है।
पूरी लागत सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाली जाएगी
सरकार ने बताया कि सीबीजी को उसकी खरीद कीमत पर सीधे सिटी गैस वितरण (सीजीडी) कंपनियों को नहीं बेचा जाता। इसे अन्य घरेलू प्राकृतिक गैस के साथ मिलाकर एक साझा गैस पूल में शामिल किया जाता है और इसकी लागत पूरे घरेलू गैस पूल में वितरित होती है।
पुरानी व्यवस्था में सीबीजी की लागत एपीएम के तहत आवंटित सीमित गैस मात्रा पर वितरित होती थी, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से परिवहन क्षेत्र के सीएनजी और घरेलू पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए किया जाता था।
बड़ा गैस आधार होने से कम होगा असर
नई व्यवस्था में सीबीजी की शुद्ध लागत को पहले की तुलना में करीब 2.5 से 3 गुना बड़े घरेलू गैस आधार पर वितरित किया जाएगा। इससे प्रति उपभोक्ता लागत का प्रभाव काफी कम होने की उम्मीद है।
सरकार के मुताबिक संशोधित मूल्य व्यवस्था का उद्देश्य देश में सीबीजी उत्पादन को बढ़ावा देना, जैविक कचरे का बेहतर इस्तेमाल करना और स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करना है।
