राजनीति

अंकित बालियान हत्याकांड पर गरमाई सियासत, अखिलेश के ‘जाट आक्रोश’ वाले बयान पर जयंत चौधरी का पलटवार

अंकित बालियान हत्याकांड पर गरमाई सियासत, अखिलेश के ‘जाट आक्रोश’ वाले बयान पर जयंत चौधरी का पलटवार

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के बाद अब मामला सियासी रंग लेता दिख रहा है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने हत्या को लेकर जाट समाज में आक्रोश की बात कही, जिसके बाद राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख जयंत चौधरी ने उनके बयान पर सवाल खड़े किए हैं।

अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को जाट समाज में व्याप्त आक्रोश और अंकित बालियान के पिता का दुख सुनना चाहिए। उन्होंने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर भी हमला बोला।

अखिलेश ने बिना नाम लिए जयंत चौधरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी सिर्फ वोटों की सगी है, किसी समाज की नहीं। अखिलेश ने बीजेपी के साथ खड़े जाट नेताओं से सवाल करने की बात कहते हुए कहा कि युवा जाट उन्हें तलाश रहे हैं।

अखिलेश यादव के इस बयान पर जयंत चौधरी ने पलटवार किया। उन्होंने हत्या जैसे गंभीर अपराध में जाति का एंगल तलाशने को संवेदनहीनता बताया। जयंत ने कहा कि ऐसी घटनाओं में समाज को जाति और क्षेत्र से ऊपर उठकर पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए।

जयंत चौधरी ने कहा कि अंकित बालियान के परिवार को न्याय मिलना चाहिए। उनके मुताबिक यह किसी एक जाति या गोत्र का मामला नहीं है, बल्कि न्याय पसंद हर व्यक्ति का मुद्दा है।

दरअसल, अंकित बालियान की जिम से निकलते वक्त हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद उनके परिवार में मातम है और मामले को लेकर पश्चिमी यूपी में भी चर्चा तेज है। इसी बीच अखिलेश यादव ने अंकित के पिता से फोन पर बात भी की थी।

अखिलेश ने कहा कि रक्षाबंधन से ठीक पहले जिन बहनों ने अपना भाई और माता-पिता ने अपना बेटा खोया है, उनका दुख बेहद बड़ा है। उन्होंने बालियान समाज के लोगों के प्रति भी संवेदना जताई और न्याय की लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिया।

अखिलेश ने यूपी की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार के सहयोगियों की निष्क्रियता और पक्षपातपूर्ण रवैये से समाज के लोग निराश हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

अब इस पूरे विवाद ने पश्चिमी यूपी की सियासत में नया मोड़ ला दिया है। एक तरफ अखिलेश यादव के बयान को जाट समाज से जुड़ाव मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, तो दूसरी तरफ जयंत चौधरी ने साफ कर दिया है कि अंकित हत्याकांड को जातीय राजनीति से जोड़ने के बजाय न्याय के मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए।

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