उत्तराखंड

उत्तराखंड को ‘खेलभूमि’ बनाने की तैयारी तेज, क्रीड़ा विश्वविद्यालय के पहले चरण का शिलान्यास

उत्तराखंड को ‘खेलभूमि’ बनाने की तैयारी तेज, क्रीड़ा विश्वविद्यालय के पहले चरण का शिलान्यास

हल्द्वानी में राष्ट्रीय खेल दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ₹43.50 करोड़ की खेल परियोजनाओं की रखी नींव, पहला शैक्षणिक सत्र भी शुरू; खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को किया सम्मानित

हल्द्वानी से खेल क्षेत्र में नई शुरुआत

राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर हल्द्वानी के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, गौलापार में उत्तराखंड के खेल क्षेत्र को बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय और मानसखण्ड खेल परिसर के प्रथम चरण के ₹43.50 करोड़ के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इसी के साथ विश्वविद्यालय के पहले शैक्षणिक सत्र की भी शुरुआत की गई।

खिलाड़ियों को अब प्रदेश में ही मिलेगी बेहतर ट्रेनिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तराखंड के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय खेल शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। क्रीड़ा विश्वविद्यालय आधुनिक प्रशिक्षण, खेल शिक्षा और नई प्रतिभाओं को तैयार करने का बड़ा केंद्र बनेगा।

‘खेलभूमि’ के रूप में पहचान बनाने का लक्ष्य

सीएम धामी ने कहा कि देवभूमि और वीरभूमि उत्तराखंड अब ‘खेलभूमि’ के रूप में भी अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।

उदीयमान खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से खेल छात्रवृत्ति दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहायता सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि प्रदेश की उभरती प्रतिभाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम है।

खिलाड़ियों के लिए कई योजनाओं का जिक्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को मासिक छात्रवृत्ति दी जा रही है, जबकि 14 से 23 वर्ष के खिलाड़ियों के लिए मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने में भी सहायता दी जा रही है। खिलाड़ियों के लिए बीमा और आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई है।

23 हाईटेक खेल अकादमियों पर काम

राज्य में खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में 23 नई हाईटेक खेल अकादमियां स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। वहीं ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के जरिए हर जिले की विशेष खेल पहचान विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

2027 राष्ट्रीय खेल और ओलंपिक-2036 पर नजर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 के राष्ट्रीय खेलों में ज्यादा से ज्यादा पदक जीतने और ओलंपिक-2036 में उत्तराखंड के खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए अभी से विशेष रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

खेलों में AI तकनीक का भी इस्तेमाल

खिलाड़ियों की फिटनेस और प्रदर्शन के मूल्यांकन के लिए ‘मौली एआई एप्लीकेशन’ विकसित किया गया है। इसके जरिए उदीयमान खिलाड़ियों की फिटनेस का नियमित आकलन किया जाएगा और भविष्य में आधुनिक तकनीक के जरिए उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।

खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मिला सम्मान

राष्ट्रीय खेल दिवस पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। एथलेटिक्स की अंकिता, शूटिंग के अभिनव देशवाल समेत कई खिलाड़ियों को खेल पुरस्कार दिए गए। प्रशिक्षकों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

खेल रत्न से लेकर हिमालय रत्न तक पुरस्कार

वर्ष 2024 के लिए एथलेटिक्स की अंकिता को देवभूमि उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार, जबकि लोकेश चौधरी को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिया गया। वर्ष 2025 में अभिनव देशवाल को खेल रत्न, मुकेश शर्मा को द्रोणाचार्य और मुकेश चंद्र बेलवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दिव्यांग श्रेणी में शौर्य सैनी को हिमालय रत्न पुरस्कार मिला।

सरकार का दावा- प्रतिभा के रास्ते में नहीं आएगी आर्थिक कमी

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे पूरी मेहनत और समर्पण के साथ मैदान में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि साधनों की कमी, आर्थिक परेशानी या अवसरों का अभाव किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के सपने में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।

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