उत्तराखंड

उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: सड़कों की मरम्मत से लेकर उपनल कर्मचारियों के समान वेतन तक, कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी

उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: सड़कों की मरम्मत से लेकर उपनल कर्मचारियों के समान वेतन तक, कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार, 25 अगस्त को सचिवालय में हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में मानसून के बाद सड़कों की मरम्मत, सहकारिता नीति, उपनल कर्मचारियों के वेतन, बिजली खरीद, अग्निवीरों के लिए विशेष प्रकोष्ठ और शहीद सैनिकों के सम्मान सहित कई प्रस्तावों पर मुहर लगी।

मानसून के बाद युद्धस्तर पर होगा सड़क सुधार

कैबिनेट बैठक में प्रदेशभर की सड़कों की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून खत्म होते ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़क सुधार के काम युद्धस्तर पर शुरू किए जाएं। इसके लिए संबंधित विभागों को अभी से निविदा प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।

PMGSY के तहत बनी उन पुरानी सड़कों के सुधार के लिए भी राज्य सरकार आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने पर विचार करेगी, जिनकी अनुरक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है।

उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी

कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, जवाबदेह और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

नीति में महिला और युवा सशक्तिकरण, रोजगार सृजन, वित्तीय समावेशन, कृषि मूल्य-श्रृंखला और पलायन से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास पर भी जोर दिया गया है।

उपनल कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन

कैबिनेट ने उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्य के समान वेतन की प्रक्रिया को तीन चरणों में लागू करने पर सहमति दी है। अलग-अलग अवधि में नियुक्त कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।

वहीं, लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने से जुड़े प्रावधान भी किए गए हैं। अतिरिक्त उपनल कर्मचारियों के समायोजन के लिए पद सृजन और अलग समिति की व्यवस्था का भी निर्णय लिया गया है।

1320 मेगावाट बिजली खरीद को मंजूरी

राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कैबिनेट ने 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने को मंजूरी दी है। यह बिजली अडानी पावर लिमिटेड से ₹5.746 प्रति यूनिट के कुल टैरिफ पर 25 वर्षों के लिए खरीदी जाएगी।

उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड को बिजली आपूर्ति समझौते और अन्य जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की अनुमति भी दी गई है। हालांकि इसके लिए नियामक आयोग की वैधानिक मंजूरी जरूरी होगी।

अग्निवीरों के लिए बनेगा अलग प्रकोष्ठ

सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए एक समर्पित प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसके लिए छह संविदा पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें एक उप निदेशक, दो सहायक निदेशक, दो कनिष्ठ सहायक और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं।

शहीद सैनिकों की पैतृक गांवों में लगेंगी प्रतिमाएं

कैबिनेट ने शहीद सैनिकों के सम्मान में भी महत्वपूर्ण फैसला लिया। अब राज्य के शहीद सैनिकों की प्रतिमाएं उनके पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी। सरकार का कहना है कि इससे युवाओं को शहीदों के बलिदान और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलेगी और उनके परिजनों के प्रति सम्मान भी व्यक्त होगा।

मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन के गठन पर सहमति

प्रदेश में दवाओं, सर्जिकल सामग्री, उपकरण और इंप्लांट की खरीद को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने सहमति दी।

NCDC को हरिद्वार में एक एकड़ जमीन

राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में उपलब्ध 65 एकड़ भूमि में से एक एकड़ जमीन राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की शाखा के लिए 99 वर्ष की लीज पर देने को मंजूरी दी गई है। जमीन का लीज मूल्य ₹1 रखा गया है। प्रस्तावित शाखा में रोग निगरानी, महामारी जांच और त्वरित प्रतिक्रिया के साथ BSL-3 स्तर की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

रिस्पना नदी किनारे की बस्ती के 116 परिवारों को आवास

देहरादून में रिस्पना नदी किनारे बसी मलिन बस्ती के चयनित लाभार्थियों को काठबंगला में बनाए गए 116 आवास आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य नदी किनारे बसी बस्तियों का व्यवस्थित पुनर्वास करना है।

CNG और हाइब्रिड वाहनों पर ग्रीन सेस में बदलाव

कैबिनेट ने CNG और हाइब्रिड वाहनों को मोटर वाहन कर में मिलने वाली छूट की समीक्षा करते हुए इसे चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। सरकार का तर्क है कि वर्तमान व्यवस्था से राज्य के राजस्व पर असर पड़ रहा है।

शहरी विकास के लिए 94 नए अस्थायी पद

UUSDA के पुनर्गठन के तहत विभिन्न शहरों में पेयजल, सीवरेज, सड़क, स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक परिवहन जैसी परियोजनाओं के संचालन के लिए 94 अस्थायी पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।

इसके अलावा लोकायुक्त खोजबीन समिति की नियमावली, शहरी आबादी के डिजिटल भूमि सर्वेक्षण, कारागार सेवा नियमों और उत्तरांचल विश्वविद्यालय के परिनियम-2026 सहित कई अन्य प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली।

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