ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ा झटका, ममता बनर्जी के खेमे में लौटे बागी विधायक कासिम सिद्दीकी
ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ा झटका, ममता बनर्जी के खेमे में लौटे बागी विधायक कासिम सिद्दीकी
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही खींचतान के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए राहत की खबर सामने आई है। ममता बनर्जी का साथ छोड़कर ऋतब्रत बनर्जी के खेमे में गए आमडांगा से विधायक मोहम्मद कासिम सिद्दीकी ने अब दोबारा ममता के खेमे में लौटने का ऐलान किया है। उन्होंने साफ कहा कि उनका अब ऋतब्रत बनर्जी गुट से कोई लेना-देना नहीं है और वह आखिरी समय तक ममता बनर्जी के साथ रहेंगे।
ऋतब्रत गुट से अलग हुए कासिम सिद्दीकी
उत्तर 24 परगना की आमडांगा विधानसभा सीट से विधायक मोहम्मद कासिम सिद्दीकी ने ऋतब्रत बनर्जी गुट से अलग होने की घोषणा करते हुए ममता बनर्जी के प्रति अपना भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ही उनके लिए सबकुछ हैं और उन्हीं के नेतृत्व में उन्होंने राजनीति में आगे बढ़ने का फैसला किया था।
कासिम के इस कदम को ऋतब्रत बनर्जी गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या बागी विधायकों के बीच ऋतब्रत गुट की पकड़ कमजोर हो रही है।
‘हमें गुमराह किया गया’
कासिम सिद्दीकी ने दावा किया कि उन्हें और कुछ अन्य विधायकों को यह कहकर गुमराह किया गया था कि ऋतब्रत बनर्जी का गुट ममता बनर्जी के मार्गदर्शन में ही काम कर रहा है। बाद में उन्हें पता चला कि यह गुट TMC के मूल विचार और शीर्ष नेतृत्व से अलग दिशा में काम कर रहा है।
विधायक ने कहा कि ममता बनर्जी ने ही उन्हें विधानसभा तक पहुंचाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक जीवन के आखिरी क्षण तक वह ममता बनर्जी के साथ खड़े रहेंगे।
ममता बनर्जी के लिए बड़ी राहत
ममता बनर्जी के खेमे में कासिम सिद्दीकी की वापसी ऐसे समय हुई है, जब पार्टी के भीतर गुटबाजी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में एक बागी विधायक का वापस आना ममता के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कासिम की वापसी से ममता खेमे को अपने उन विधायकों का भरोसा दोबारा हासिल करने की उम्मीद भी बढ़ सकती है, जो हाल में ऋतब्रत गुट के साथ चले गए थे।
ममता ने बीजेपी पर साधा निशाना
इस बीच ममता बनर्जी ने सोमवार को फेसबुक लाइव के जरिए बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह राजनीति से संन्यास लेने वाली नहीं हैं और बीजेपी को राजनीतिक रूप से चुनौती देती रहेंगी।
ममता ने दावा किया कि बंगाल की जनता अब बीजेपी की राजनीति और उसके “असली चेहरे” को समझने लगी है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में वह पार्टी और संगठन को और मजबूती से खड़ा करेंगी।
क्या कमजोर पड़ रहा है ऋतब्रत गुट?
कासिम सिद्दीकी की वापसी ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की स्थिति को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। अगर आने वाले दिनों में दूसरे विधायक भी ममता बनर्जी के खेमे में लौटते हैं, तो इससे ऋतब्रत गुट की राजनीतिक ताकत पर बड़ा असर पड़ सकता है।
फिलहाल कासिम सिद्दीकी की वापसी को ममता बनर्जी की पहली बड़ी राजनीतिक बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है। अब नजर इस बात पर होगी कि क्या उनके बाद अन्य बागी विधायक भी ‘दीदी’ के खेमे में वापसी करते हैं।
