हल्द्वानी में रामलीला मैदान के ‘शुद्धिकरण’ पर सियासत गरमाई, कांग्रेस ने निकाली पदयात्रा
हल्द्वानी में रामलीला मैदान के ‘शुद्धिकरण’ पर सियासत गरमाई, कांग्रेस ने निकाली पदयात्रा
हल्द्वानी: नैनीताल जिले के हल्द्वानी में रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस मामले के विरोध में सामाजिक समानता और न्याय के समर्थन में पदयात्रा निकाली। इसमें नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, हल्द्वानी विधायक समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस का आरोप है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान का कथित तौर पर शुद्धिकरण किया गया। कांग्रेस ने इसे दलित समाज का अपमान बताते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है।
तख्तियां लेकर सड़क पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता
पदयात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे और विभिन्न संदेशों वाली तख्तियां लेकर सामाजिक समानता, संविधान और भाईचारे का संदेश दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश में प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा ऐसी किसी भी गतिविधि के लिए जगह नहीं होनी चाहिए, जिससे भेदभाव का संदेश जाए।
यशपाल आर्य ने बीजेपी पर साधा निशाना
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि जिस मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रैली को संबोधित किया, उसी मैदान के बाद में शुद्धिकरण की बात सामने आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और छुआछूत तथा भेदभाव की मानसिकता के लिए समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
यूथ कांग्रेस ने SSP कार्यालय पहुंचकर जताया विरोध
इस मामले को लेकर यूथ कांग्रेस भी विरोध दर्ज करा चुकी है। कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी की और पुलिस को शिकायत दी। कांग्रेस ने कथित शुद्धिकरण के जरिए माहौल खराब करने का आरोप लगाया है।
पार्टी ने AI से बनाए गए कथित वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो धरना दिया जाएगा।
देहरादून में भी निकाला गया विरोध मार्च
रामलीला मैदान मामले को लेकर देहरादून में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। मार्च कांग्रेस भवन से शुरू होकर घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंचा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सामाजिक समरसता, भाईचारे, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा का संदेश दिया।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत उस आरोप के बाद हुई जिसमें कांग्रेस ने दावा किया कि मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद रामलीला मैदान को गंगाजल से शुद्ध किया गया। कांग्रेस इसे दलित समाज और सामाजिक समानता के खिलाफ मानसिकता से जोड़ रही है।
वहीं, इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार बढ़ रही है और कांग्रेस अब इसे सामाजिक न्याय तथा संवैधानिक मूल्यों से जोड़कर राज्यभर में विरोध दर्ज करा रही है।
