उत्तराखंड

उत्तराखंड में ‘लखपति दीदी’ योजना की ऐतिहासिक सफलता: संख्या 3 लाख के पार, 2026-27 के लिए नए लक्ष्य तय

उत्तराखंड में ‘लखपति दीदी’ योजना की ऐतिहासिक सफलता: संख्या 3 लाख के पार, 2026-27 के लिए नए लक्ष्य तय

​देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत प्रदेश में 1 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय हासिल करने वाली महिलाओं की संख्या 3 लाख 3 हजार से अधिक पहुंच चुकी है।

​1. प्रमुख उपलब्धियां और भविष्य के लक्ष्य

​अब तक की उपलब्धि: वित्तीय वर्ष 2025-26 तक राज्य में कुल 3,03,696 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

​2026-27 का नया लक्ष्य: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.12 लाख अतिरिक्त महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे समय सीमा से पहले पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

​संगठन का दायरा: उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 13 जिलों के 95 ब्लॉकों में 5,19,943 महिलाओं को 70,767 स्वयं सहायता समूहों (SHGs), 8,179 ग्राम संगठनों और 615 क्लस्टर लेवल फेडरेशंस (CLF) में संगठित किया गया है।

​2. महिलाओं के प्रमुख व्यवसाय और बुनियादी ढांचा

​मुख्य व्यवसाय: ग्रामीण महिलाएं जैविक खेती, फूड प्रोसेसिंग, मसाला निर्माण, हस्तशिल्प, डेयरी-पशुपालन, मौन पालन, मशरूम उत्पादन, मिलेट बेकरी उत्पाद और होमस्टे संचालन जैसे क्षेत्रों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

​बाजार और पैकेजिंग सहायता: उत्पादों की बिक्री और आसान बाजार पहुंच के लिए राज्य में 24 ग्रोथ सेंटर, 33 नैनो पैकेजिंग यूनिट और 17 सरस केंद्र संचालित हैं।

​’हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड: धामी सरकार की इस पहल से स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और पैकेजिंग में सुधार हुआ है, जिससे इन उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है।

​3. महिला सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार के अन्य फैसले

​आरक्षण व्यवस्था: सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30% क्षैतिज आरक्षण और सहकारी समितियों में 33% आरक्षण लागू किया गया है।

​अन्य प्रमुख योजनाएं: ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’, ‘ड्रोन दीदी योजना’, ‘सोलर सखी योजना’, ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना’ और ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना’ के जरिए महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जा रहा है।

​मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान

​”मातृशक्ति उत्तराखंड की आर्थिक और सामाजिक क्रांति की सबसे बड़ी संवाहक है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि राज्य के विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। हमारी सरकार हर स्तर पर मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)

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