इस्कॉन मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू; पारंपरिक और शालीन कपड़े पहनना अनिवार्य
इस्कॉन मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू; पारंपरिक और शालीन कपड़े पहनना अनिवार्य
मथुरा स्थित इस्कॉन (ISKCON) मंदिर में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस एडवाइजरी जारी की गई है। इस्कॉन प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर में सनातन धर्म की मर्यादा और पवित्रता के अनुसार पारंपरिक तथा शालीन कपड़े पहनकर आना ही अनिवार्य होगा।
1. इस्कॉन प्रबंधन के दिशा-निर्देश (क्या पहनें और क्या नहीं)
महिलाओं के लिए: पारंपरिक साड़ी, सलवार-सूट या शालीन भारतीय परिधान।
पुरुषों के लिए: धोती-कुर्ता, कुर्ता-पायजामा या फॉर्मल पैंट-शर्ट।
प्रतिबंधित वस्त्र: छोटे, कटे-फटे या अशोभनीय (अमर्यादित) वस्त्र पहनकर मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
2. इस्कॉन प्रतिनिधियों के प्रमुख बयान
रविलोचन दास (PRO, इस्कॉन मथुरा):
”मंदिर में पारंपरिक वेशभूषा का बोर्ड एक साल पहले से लगा हुआ था। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को सनातन धर्म की परंपराओं और मर्यादा का पालन करने के लिए प्रेरित करना है। मंदिर जैसी पवित्र जगह पर सभी को मर्यादित कपड़ों में ही आना चाहिए।”
युधिष्ठिर गोविंदा दास (कंट्री डायरेक्टर ऑफ कम्युनिकेशंस, इस्कॉन दिल्ली):
”यह ड्रेस कोड महिलाओं और पुरुषों दोनों पर समान रूप से लागू होता है। किसी भी आध्यात्मिक स्थल की अपनी एक गरिमा होती है। जैसे तिरुपति बालाजी, पद्मनाभस्वामी या जगन्नाथ पुरी मंदिर में ड्रेस कोड लागू है, वैसे ही यहां भी भगवान के प्रति समर्पण और पवित्रता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। जिस तरह ऑफिस, अस्पताल या सेना का अपना एक ड्रेस कोड होता है, उसी तरह मंदिर की मर्यादा का सम्मान करना भी जरूरी है।”
