उत्तराखंड

उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर: केदारनाथ हाईवे पर उफना गदेरा, अलकनंदा खतरे के निशान के पार और 4 जिलों में स्कूल बंद

उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर: केदारनाथ हाईवे पर उफना गदेरा, अलकनंदा खतरे के निशान के पार और 4 जिलों में स्कूल बंद

​रुद्रप्रयाग/देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बीती देर रात केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित तिलवाड़ा में अचानक एक गदेरा (बरसाती नाला) उफान पर आ गया। देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा, बोल्डर और पानी हाईवे पर जमा हो गया, जिससे कई वाहन मलबे की चपेट में आ गए।

​1. तिलवाड़ा में मलबे का कहर और अफरा-तफरी

​वाहनों को नुकसान: केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्मार्ट शौचालय के पास गदेरे के अचानक उफनाने से हाईवे पर भारी मलबा आ गया। इस दौरान रास्ते से गुजर रहे चालकों और यात्रियों ने भागकर अपनी जान बचाई। कई वाहन मलबे में दब गए।

​राहत और बचाव कार्य: जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (DDMO) नंदन सिंह रजवार ने बताया कि पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर तैनात हैं। मार्ग को खोलने और मलबे में दबे वाहनों को सुरक्षित निकालने का कार्य जारी है।

​2. अलकनंदा नदी खतरे के निशान से ऊपर, पैदल पुल जलमग्न

​निचले इलाकों में घुसा पानी: लगातार बारिश से अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे तटीय व निचले इलाकों के घरों तक पानी पहुंच गया है।

​सड़क व संपर्क मार्ग बाधित: पुनाड़ गदेरे के उफान पर आने से सुविधानगर स्थित बाल्मीकि बस्ती और जिला अस्पताल को जोड़ने वाला पैदल पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।

​टीम अलर्ट पर: प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीमों को अति-संवेदनशील इलाकों में अलर्ट मोड पर रखा गया है।

​3. मौसम विभाग का रेड/ऑरेंज अलर्ट: 4 जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल बंद

​मौसम विभाग द्वारा गुरुवार को भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर कई जिलों में एहतियाती कदम उठाए गए हैं:

​स्कूलों में छुट्टी का आदेश: बागेश्वर, चमोली, पौड़ी और देहरादून जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश (छुट्टी) घोषित कर दिया गया है।

​प्रशासनिक अपील: प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम जनता से अपील की है कि वे नदियों, उफनते नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की ओर न जाएं तथा मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें।

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