इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट के छोटे भाई बिली रूट ने प्रोफेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास, 34 साल की उम्र में किया करियर का अंत
इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट के छोटे भाई बिली रूट ने प्रोफेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास, 34 साल की उम्र में किया करियर का अंत
इंग्लैंड की टेस्ट टीम के कप्तान जो रूट के छोटे भाई बिली रूट ने प्रोफेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। जहां एक ओर जो रूट टेस्ट क्रिकेट के इतिहास के सबसे महान बल्लेबाजों में गिने जाते हैं, वहीं उनके छोटे भाई बिली रूट कभी इंग्लैंड की नेशनल टीम के लिए नहीं खेल सके। 34 साल की उम्र में बिली ने घरेलू और क्लब क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है और अब वह दुनिया भर की टी20 लीग्स में खेलते नजर आ सकते हैं।
बिली रूट के करियर के मुख्य आंकड़े और उपलब्धियां
घरेलू और क्लब करियर: बिली ने साल 2015 में अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था। इसके बाद 2017 में उन्होंने लिस्ट ए और टी20 डेब्यू किया। अपने पूरे करियर में वह मुख्य रूप से काउंटी सर्किट में ग्लेमॉर्गन और नॉटिंघमशायर जैसी टीमों के लिए खेले।
प्रमुख खिताब: साल 2017 में बिली ने नॉटिंघमशायर के साथ टी20 कप और वनडे कप का खिताब जीता। इसके बाद 2019 में वे ग्लेमॉर्गन से जुड़े और वहां भी वनडे कप की ट्रॉफी अपने नाम की। उन्होंने अपने 14 साल के लंबे करियर में चार बड़ी ट्रॉफियां जीतीं।
करियर रिकॉर्ड:
फर्स्ट क्लास क्रिकेट: 83 मैचों में 4107 रन।
लिस्ट ए मैच: 60 मैचों में 1665 रन।
टी20 मैच: 50 मुकाबलों में 634 रन।
संन्यास पर क्या बोले बिली रूट?
भारी मन से संन्यास का ऐलान करते हुए बिली रूट ने कहा, “पिछले 14 सालों से मैंने काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन मैं अपने इस सफर का एक भी पल बदलना नहीं चाहूंगा। इस सफर में मेरा साथ देने वाले सभी लोगों का दिल से शुक्रिया। दो शानदार क्लबों से खेलना और चार ट्रॉफियां जीतना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है, और अब जीवन के अगले अध्याय का समय आ गया है।”
भले ही बिली रूट अपने भाई जो रूट की तरह अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व नहीं कर सके, लेकिन काउंटी और घरेलू क्रिकेट में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
